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रूस के हमलों से दहला यूक्रेन, 29 लोगों ने गंवाई जान; अमेरिका से मदद की गुहार
Ratna Netam
3 Nov 2026 4:20 PM IST

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कीव : 3 नवंबर 2026। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर भयावह मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक यूक्रेन के कई इलाकों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों से यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों, अस्पतालों और नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, दक्षिणी यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में मानवीय सहायता वितरण केंद्र पर हुए रूसी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, 48 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका से अपने देश की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए तत्काल सहायता बढ़ाने की अपील की है।यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने 2 और 3 नवंबर की दरमियानी रात कुल 289 हमलावर ड्रोन, 17 बैलिस्टिक मिसाइलें और 59 क्रूज मिसाइलें दागीं। इन हमलों का मुख्य निशाना बिजली उत्पादन केंद्र, सबस्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान थे। रूस की इस सैन्य कार्रवाई से यूक्रेन के नौ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और कई स्थानों पर आपातकालीन कटौती करनी पड़ी।जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि रूसी हमलों का मकसद यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था को कमजोर करना और नागरिकों के जीवन को मुश्किल बनाना है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन हमलों पर चुप नहीं रहने की अपील की।
मानवीय सहायता लेने पहुंचे लोगों पर हमला
सबसे भयावह घटना जापोरिज्जिया क्षेत्र के कोमिशुवाखा गांव में हुई। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, यहां एक स्कूल भवन का इस्तेमाल जरूरतमंद लोगों को मानवीय सहायता बांटने के लिए किया जा रहा था। इसी दौरान रूसी निर्देशित बमों से हमला हुआ।अधिकारियों का आरोप है कि शुरुआती हमले के बाद पास के उस आश्रय स्थल को भी निशाना बनाया गया, जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए छिपे थे।इस घटना में 29 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में चार पुलिसकर्मी और दो बचावकर्मी भी शामिल हैं। कम से कम पांच लोग घायल हुए हैं, जबकि 48 लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है।मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है। हालांकि, लगातार नए हमलों के खतरे के कारण बचावकर्मियों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। जापोरिज्जिया प्रशासन ने मृतकों के सम्मान में तीन दिन के शोक की घोषणा की है।
खारकीव में 62 लोग घायल, अस्पतालों को नुकसान
रूस के हमलों का असर यूक्रेन के उत्तर-पूर्वी खारकीव क्षेत्र में भी देखने को मिला। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम 62 लोग घायल हुए हैं।एक चिकित्सा केंद्र भी हमले की चपेट में आ गया। इसके अलावा आवासीय इमारतों की खिड़कियां टूट गईं और आसपास खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा।क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख ओलेह सिनियेहुबोव के अनुसार, सुरक्षा कारणों से 200 से अधिक मरीजों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा।इसी तरह निप्रो क्षेत्र में रूसी हमले से एक व्यक्ति की मौत और 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। यहां एक अस्पताल तथा बाह्य रोगी चिकित्सा केंद्र को नुकसान पहुंचा।बचावकर्मियों ने मंगलवार सुबह मलबे में फंसी एक महिला को जीवित बाहर निकाला। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत अभियान जारी है।
अमेरिका से हवाई सुरक्षा मजबूत करने की अपील
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका से यूक्रेन को अधिक मजबूत हवाई रक्षा सहायता देने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से रूसी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए अतिरिक्त रक्षा संसाधनों की आवश्यकता बताई।जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने जिस समय बड़े पैमाने पर हमले किए, उसी दिन अमेरिका में संसदीय चुनाव हो रहे थे।उनका आरोप है कि मॉस्को को लगता है कि अमेरिकी राजनीतिक गतिविधियों के बीच यूक्रेन पर हो रहे हमलों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं जाएगा।यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका के पास शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है। उन्होंने जोर दिया कि यूक्रेन के आसमान की रक्षा के लिए सहयोग बढ़ाना बेहद जरूरी है।इससे पहले जेलेंस्की ने अमेरिकी पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियों की उपलब्धता बढ़ाने की मांग भी की थी। उनका कहना है कि प्रभावी हवाई सुरक्षा से नागरिकों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की रक्षा की जा सकती है।
रूस ने भी बड़े सैन्य अभियान की पुष्टि की
रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को स्वीकार किया कि उसकी सेना ने यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और ओडेसा क्षेत्र के बंदरगाह संबंधी बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले किए हैं।मॉस्को ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 856 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए।रूस की राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने भी राजधानी की ओर भेजे गए बड़ी संख्या में ड्रोन नष्ट करने की जानकारी दी।इस बीच रूस के यारोस्लाव शहर में एक तेल रिफाइनरी पर यूक्रेनी ड्रोन हमले से दो कर्मचारियों के घायल होने और संयंत्र के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है।हालांकि, दोनों देशों की ओर से जारी सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि पूरी तरह संभव नहीं हो सकी है।
10 और 11 नवंबर को फिर होगी शांति वार्ता
लगातार बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच नई शांति वार्ता की तैयारी भी चल रही है।अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच 10 और 11 नवंबर को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में बातचीत प्रस्तावित है।इस बैठक में युद्ध समाप्त करने के उपायों, सुरक्षा गारंटी, तनाव कम करने और मानवीय सहायता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।हालांकि, अब तक हुई बातचीत से कोई निर्णायक समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में नए हमलों ने शांति प्रयासों के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से जारी युद्ध में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है। लाखों नागरिक विस्थापन, बिजली संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।ताजा हमलों ने एक बार फिर साबित किया है कि युद्ध का सबसे गंभीर असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अमेरिका की अगली पहल और प्रस्तावित शांति वार्ता पर टिकी हैं।कीव की प्राथमिकता फिलहाल घायलों का उपचार, लापता लोगों की तलाश, बिजली आपूर्ति बहाल करना और संभावित नए हमलों से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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