
UAE ने गाजा पट्टी में फिलिस्तीनी लोगों के लिए अपने मानवीय समर्थन को जारी रखते हुए आज ऑपरेशन “बर्ड्स ऑफ गुडनेस” के तहत 73वां एयरड्रॉप किया। यह अभियान “ऑपरेशन चिवल्रस नाइट 3” का हिस्सा है और इसे हाशिमी किंगडम ऑफ जॉर्डन के सहयोग से आयोजित किया गया। इस हवाई सहायता अभियान में जर्मनी, इटली, बेल्जियम, फ्रांस, डेनमार्क, नीदरलैंड्स, सिंगापुर और इंडोनेशिया ने भी भाग लिया। इस एयरड्रॉप में आवश्यक खाद्य सामग्री की खेप शामिल थी, जिसे यूएई स्थित चैरिटेबल संस्थाओं और संगठनों की सहायता से तैयार किया गया। इसका उद्देश्य गाजा पट्टी में रहने वाले लोगों की जरूरतों को पूरा करना और कठिन मानवीय परिस्थितियों में उनका जीवन आसान बनाना है।
इस 73वें एयरड्रॉप के पूरा होने के साथ, ऑपरेशन के तहत हवाई मार्ग से अब तक 3,988 टन से अधिक राहत सामग्री, जिसमें खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं, वितरित की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा यूएई की फिलिस्तीनी लोगों के प्रति लगातार समर्थन और उनकी सहनशक्ति बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूएई ने हमेशा गाजा के निवासियों की सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को महत्व दिया है और इस अभियान में शामिल अन्य देशों की भागीदारी से राहत कार्यों की प्रभावशीलता और व्यापकता बढ़ी है। यूएई की ओर से यह प्रयास मानवीय सहायता और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
सफलतापूर्वक पूरे किए गए एयरड्रॉप ने न केवल आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई हैं, बल्कि फिलिस्तीनी निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी में राहत और सुरक्षा की भावना भी बढ़ाई है। यूएई का यह मानवीय मिशन यह सुनिश्चित करता है कि संकट की घड़ी में भी जरूरतमंदों तक समय पर सहायता पहुंचती रहे। आगे भी यूएई ने यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि फिलिस्तीनी लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। यह अभियान अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मानवीय प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जो संकटग्रस्त क्षेत्रों में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है।





