
Oman ओमान : ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के हमले का शिकार हुए ऑयल टैंकर ‘सेटेबेलो’ (Settebello) पर सवार दो भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है, जबकि एक अन्य भारतीय क्रू सदस्य अभी भी लापता बताया जा रहा है। यह जानकारी ‘फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (FSUI) की ओर से दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू मेंबर्स में से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया था। हालांकि, दो नाविकों के शव मिलने और उनकी मौत की पुष्टि होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। तीसरे लापता भारतीय नाविक की तलाश अभी भी जारी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत ने इस मामले को लेकर कड़ा कूटनीतिक कदम उठाया था। एक दिन पहले ही भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन जेसन मीक्स को तलब किया था। यह कदम उस हमले को लेकर भारत की ओर से दर्ज किया गया एक दुर्लभ औपचारिक विरोध माना जा रहा है, जिसमें एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया था।
Two casualties including cadet, fitter and ch engineer are reported missing...@FSUIINDIA @IMOHQ @ITFglobalunion pic.twitter.com/z8qZPYRWx1
— FSUI (@FSUIINDIA) June 10, 2026
सरकारी और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा था और कई क्रू सदस्य समुद्र में गिर गए थे। बचाव अभियान के दौरान अधिकतर लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन कुछ सदस्य लापता हो गए थे।
FSUI ने कहा है कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लापता नाविक की खोज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की मांग कर रहे हैं। यूनियन ने यह भी कहा कि समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां वाणिज्यिक जहाजों का नियमित आवागमन होता है।
भारत सरकार की ओर से भी इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की गई है और संबंधित देशों तथा एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और इस मामले में हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यावसायिक जहाजों पर हमले न केवल मानव जीवन के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को भी प्रभावित करते हैं।
फिलहाल, लापता भारतीय नाविक की तलाश जारी है और बचाव दल समुद्री क्षेत्र में अभियान चला रहे हैं। वहीं, मृतकों के शवों को वापस लाने और उनके परिवारों को जानकारी देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।





