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Trump tariff : भारत 100% तो कनाडा और जापान 300-700% क्यों

Uma Verma
2 April 2025 1:03 PM IST
Trump tariff : भारत 100% तो कनाडा और जापान 300-700% क्यों
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व्यापार | अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर टैरिफ पॉलिसी को लेकर सुर्खियों में हैं। ट्रंप ने दावा किया कि भारत, कनाडा और जापान जैसे देश अमेरिकी वस्तुओं पर भारी आयात शुल्क लगाते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों और उत्पादों को नुकसान होता है। ट्रंप की इस टिप्पणी के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार में टैरिफ की भूमिका पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

भारत कितना टैरिफ लगाता है?

भारत की बात करें तो वह कई अमेरिकी उत्पादों पर औसतन 50% से 100% तक टैरिफ लगाता है। उदाहरण के तौर पर, भारत में आयातित मोटरसाइकिलों पर 50% और कुछ कृषि उत्पादों पर 100% तक शुल्क लगाया जाता है। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर ऊंचे आयात शुल्क का मुद्दा बार-बार उठाया था, जिसके बाद भारत ने इस पर टैक्स कम भी किया था।

कनाडा और जापान में टैरिफ कितना ऊंचा?

ट्रंप का दावा है कि कनाडा और जापान अमेरिका से आयातित कुछ वस्तुओं पर 300% से 700% तक टैरिफ लगाते हैं।

कनाडा: डेयरी उत्पादों, खासकर दूध और चीज़ (Cheese) पर भारी शुल्क लगाता है। कुछ मामलों में यह 270% से 300% तक पहुंच जाता है।

जापान: जापान अपने कृषि क्षेत्र को बचाने के लिए चावल, गेहूं, बीफ और डेयरी उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाता है। कई मामलों में यह 500% से 700% तक पहुंच जाता है, ताकि घरेलू किसान विदेशी प्रतिस्पर्धा से बच सकें।

अमेरिका का जवाबी रुख और ट्रंप की रणनीति

ट्रंप के राष्ट्रपति रहने के दौरान उन्होंने कई देशों के टैरिफ को लेकर सख्त कदम उठाए। उन्होंने चीन, भारत, कनाडा और यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लागू किए, ताकि अमेरिकी व्यापार घाटा कम हो सके। अब, ट्रंप एक बार फिर राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ में हैं और उन्होंने संकेत दिए हैं कि अगर वे फिर से सत्ता में आते हैं, तो भारत, जापान और कनाडा जैसे देशों के टैरिफ का जवाब अमेरिका भी अपने टैरिफ बढ़ाकर देगा।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ वॉर से दोनों पक्षों को नुकसान होता है। अगर अमेरिका जवाबी टैरिफ लगाता है, तो इससे वैश्विक व्यापार पर असर पड़ेगा और महंगाई भी बढ़ सकती है। भारत, जापान और कनाडा जैसे देश अपने टैरिफ को स्थानीय उद्योगों और किसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी मानते हैं।

आगे क्या होगा?

अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं, तो यह तय माना जा रहा है कि वे आयात शुल्क के मुद्दे को फिर से जोर-शोर से उठाएंगे। इससे अमेरिका और उसके व्यापारिक साझेदारों के बीच तनाव बढ़ सकता है और वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। फिलहाल, निवेशकों और व्यापारिक समुदाय की नजरें इस मुद्दे पर टिकी हुई हैं।

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