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शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा पर तिब्बती कार्यकर्ताओं की अपील
Ratna Netam
24 Sept 2026 6:26 PM IST

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धर्मशाला। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के बीच तिब्बती कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के अन्य नेताओं से तिब्बत से जुड़े मुद्दों तथा मानवाधिकार संबंधी चिंताओं को उठाने की अपील की है। तिब्बती यूथ कांग्रेस (TYC) और ‘स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत इंडिया’ के प्रतिनिधियों ने कहा कि शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए तिब्बत की स्थिति और तिब्बती लोगों की चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर है।चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर हैं। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर हो रही है। दोनों नेताओं के बीच 24 सितंबर को वॉशिंगटन में मुलाकात और बातचीत निर्धारित है। इस दौरान अमेरिका-चीन संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है।इसी बीच तिब्बती संगठनों ने मांग की है कि तिब्बत से जुड़े विषयों को भी उच्चस्तरीय बातचीत में जगह दी जाए। तिब्बती यूथ कांग्रेस के सूचना सचिव तेनजिन धेसल ने कहा कि तिब्बती समुदाय ने शी जिनपिंग की यात्रा का स्वागत नहीं किया और वह चाहता है कि दुनिया के नेता तिब्बत में स्थिति को लेकर चीन के सामने सवाल उठाएं।
ट्रंप से तिब्बत पर बात करने की अपील
तेनजिन धेसल ने कहा कि उनकी मांग है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति के साथ बातचीत में तिब्बत का मुद्दा उठाएं। उन्होंने अन्य देशों के नेताओं से भी तिब्बत की स्थिति और वहां के लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का आग्रह किया।धेसल के मुताबिक, तिब्बती यूथ कांग्रेस चाहती है कि शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान तिब्बत का विषय अंतरराष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बने। संगठन ने चीन की ओर से दिए जाने वाले कूटनीतिक आश्वासनों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उसके विचार में केवल ऐसे आश्वासनों पर निर्भर नहीं किया जा सकता।तिब्बती कार्यकर्ताओं की यह अपील ऐसे समय सामने आई है जब शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच अमेरिका में उच्चस्तरीय वार्ता हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और अन्य रणनीतिक विषयों के साथ कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी चर्चा के दायरे में हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात
तिब्बती यूथ कांग्रेस के संयुक्त सचिव तेनजिन डेकोंग ने कहा कि तिब्बती समुदाय शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने वॉशिंगटन डीसी में प्रस्तावित प्रदर्शन को अहिंसक बताया और कहा कि इसका उद्देश्य तिब्बत की स्थिति की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है।डेकोंग के मुताबिक, तिब्बती कार्यकर्ता चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तिब्बत से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज न करे। उन्होंने कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और इसके जरिए तिब्बती समुदाय अपनी चिंताओं को सामने रखेगा।शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने के बाद वॉशिंगटन में तिब्बती समूहों की ओर से विरोध प्रदर्शन भी सामने आया। रिपोर्ट के अनुसार, तिब्बती यूथ कांग्रेस, स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत और अन्य संगठनों से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने शी की यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत के समर्थन में नारे और बैनर प्रदर्शित किए।
वॉशिंगटन में तिब्बती समूहों की गतिविधियां
तिब्बती संगठनों ने शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान वॉशिंगटन में विभिन्न कार्यक्रमों की योजना बनाई है। तिब्बती यूथ कांग्रेस के अनुसार, 24 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रमों में चीनी दूतावास के पास प्रदर्शन, अमेरिकी कैपिटल की ओर मार्च और अन्य समूहों के साथ कार्यक्रम शामिल हैं।रिपोर्टों के मुताबिक, इन गतिविधियों में तिब्बत के अलावा चीन से जुड़े अन्य मानवाधिकार मुद्दों पर काम करने वाले समूह भी शामिल हो सकते हैं। तिब्बती संगठनों का कहना है कि वे अमेरिकी नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान तिब्बत से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
मानवाधिकार मुद्दों पर भी जोर
तिब्बती कार्यकर्ताओं की अपील केवल राजनीतिक या क्षेत्रीय मुद्दे तक सीमित नहीं है। उन्होंने मानवाधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, भाषा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े विषयों को भी उठाने की मांग की है। इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत ने भी शी की अमेरिका यात्रा से पहले ट्रंप से तिब्बत और मानवाधिकारों को द्विपक्षीय बातचीत में शामिल करने का आग्रह किया था।तिब्बती कार्यकर्ताओं का कहना है कि तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत जारी रहनी चाहिए। उनका तर्क है कि उच्चस्तरीय राजनयिक बैठकों में तिब्बती लोगों से जुड़े मानवाधिकार और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा का अवसर बनाया जाना चाहिए।
शी की यात्रा के बीच बढ़ी अंतरराष्ट्रीय गतिविधि
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा को अमेरिका-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रॉयटर्स के अनुसार, यह यात्रा 23 से 25 सितंबर तक है और दोनों देशों के नेताओं के बीच कई प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होनी है।वहीं, तिब्बती समूहों ने इस उच्चस्तरीय बैठक को अपने मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया है। उनका कहना है कि अमेरिका और चीन के बीच बातचीत में आर्थिक और रणनीतिक विषयों के साथ मानवाधिकार से जुड़े प्रश्नों को भी चर्चा का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।वॉशिंगटन में तिब्बती प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों के दौरान ‘फ्री तिब्बत’ जैसे संदेश वाले बैनर भी दिखाई दिए। तिब्बती संगठनों ने कहा कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीकों से सामने रखना जारी रखेंगे।
तिब्बती संगठनों का संदेश
तिब्बती यूथ कांग्रेस और स्टूडेंट्स फॉर ए फ्री तिब्बत इंडिया के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे अंतरराष्ट्रीय नेताओं से तिब्बत के मुद्दे को नजरअंदाज नहीं करने की अपील कर रहे हैं। तेनजिन धेसल ने विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से शी जिनपिंग के साथ बातचीत के दौरान तिब्बत का विषय उठाने का आग्रह किया।तेनजिन डेकोंग ने भी कहा कि तिब्बती समुदाय अहिंसा के सिद्धांत में विश्वास करता है और वॉशिंगटन में होने वाला विरोध शांतिपूर्ण रहेगा। उनके अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य तिब्बत की स्थिति और तिब्बती समुदाय की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखना है।इस तरह शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान जहां अमेरिका और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दे चर्चा में हैं, वहीं तिब्बती संगठनों ने तिब्बत और मानवाधिकारों से जुड़े सवालों को भी बातचीत के एजेंडे में शामिल करने की मांग उठाई है। तिब्बती कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण माध्यमों से अपनी आवाज अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचाते रहेंगे।
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