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भारत अमेरिका की दोस्ती से दुनिया को जलन सर्जियो गोर का बड़ा बयान

nidhi
5 Sept 2026 8:09 AM IST
भारत अमेरिका की दोस्ती से दुनिया को जलन सर्जियो गोर का बड़ा बयान
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नेताओं की लिस्ट में टॉप पर मोदी सर्जियो गोर का दावा
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत रिश्तों को बेहद मजबूत बताते हुए कहा कि दुनिया के कई देश भारत-अमेरिका की साझेदारी से ईर्ष्या करते हैं। गोर के मुताबिक दिसंबर में अमेरिका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप जिन वैश्विक नेताओं से मुलाकात करना चाहेंगे, उनमें प्रधानमंत्री मोदी उनकी सूची में सबसे ऊपर होंगे। हालांकि मोदी और ट्रंप के बीच अलग से
द्विपक्षीय बैठक
की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
ट्रंप की लिस्ट में सबसे ऊपर मोदी
सर्जियो गोर ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा जाए कि G20 में आने वाले करीब 35 नेताओं में वे सबसे पहले किससे मिलना चाहेंगे तो प्रधानमंत्री मोदी उस सूची में शीर्ष पर होंगे। गोर ने इसकी वजह दोनों नेताओं की निजी मित्रता और पिछले वर्षों में विकसित हुए आपसी संबंधों को बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी को अपना दोस्त मानते हैं। इसी वजह से उन्हें उम्मीद है कि दिसंबर में प्रस्तावित यात्रा केवल G20 की सामूहिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी और दोनों नेताओं के बीच अन्य संवाद भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल किसी अलग द्विपक्षीय बैठक का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।
भारत-अमेरिका संबंधों को बताया बेहद मजबूत
गोर ने भारत और अमेरिका के वर्तमान संबंधों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता पर निर्भर नहीं है। व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है। हाल ही में गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को ऐतिहासिक रूप से मजबूत दौर में बताया था। उन्होंने दोनों देशों के बीच निष्पक्ष और पारस्परिक लाभ पर आधारित व्यापारिक संबंध विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया।
दिसंबर में अमेरिका जा सकते हैं पीएम मोदी
2026 का G20 शिखर सम्मेलन दिसंबर में अमेरिका में आयोजित होना है। गोर पहले भी प्रधानमंत्री मोदी के इस सम्मेलन में शामिल होने की संभावना की बात कह चुके हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण दिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
इसी संभावित यात्रा को लेकर अब गोर ने संकेत दिया है कि मोदी और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत मुलाकात पर विशेष नजर रहेगी। अगर दोनों नेताओं की द्विपक्षीय बैठक तय होती है तो व्यापार, रक्षा, रणनीतिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।
व्यापार समझौते पर भी आगे बढ़ रही बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत जारी है। सर्जियो गोर ने हाल में कहा कि दोनों पक्ष व्यापार वार्ता में प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के लिए निष्पक्ष बाजार पहुंच तथा दोनों तरफ निवेश बढ़ाने की वकालत की है। भारत और अमेरिका के रिश्तों में रक्षा, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्र भी महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग का दायरा पिछले वर्षों में लगातार बढ़ा है।
ट्रंप को याद है भारत का पुराना दौरा
गोर ने ट्रंप की 2020 की भारत यात्रा का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति आज भी उस दौरे और भारत में मिले स्वागत को याद करते हैं। गोर ने कहा कि ट्रंप जब भी उनसे इस विषय में बात करते हैं तो भारत में मिले लोगों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने रिश्ते का उल्लेख करते हैं। गोर ने एक पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया था कि ट्रंप एक बार प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात करना चाहते थे। जब उन्हें बताया गया कि भारत में सुबह छह बजे हैं तो ट्रंप ने विश्वास जताया कि मोदी जाग रहे होंगे। गोर ने इस घटना को दोनों नेताओं के बीच सहज व्यक्तिगत संबंध का उदाहरण बताया।
G20 में मोदी-ट्रंप मुलाकात पर रहेंगी निगाहें
अब सबसे ज्यादा नजर दिसंबर के G20 शिखर सम्मेलन पर है। सर्जियो गोर के ताजा बयान ने संभावित मोदी-ट्रंप मुलाकात को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि औपचारिक द्विपक्षीय बैठक तय होने तक इसे संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहिए। गोर के बयान से इतना जरूर स्पष्ट है कि अमेरिकी प्रशासन भारत के साथ संबंधों को महत्वपूर्ण मान रहा है और ट्रंप-मोदी की व्यक्तिगत मित्रता को द्विपक्षीय संबंधों की बड़ी ताकत के रूप में पेश कर रहा है। आने वाले महीनों में व्यापार समझौते और G20 के दौरान दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात भारत-अमेरिका रिश्तों की अगली दिशा तय करने वाले अहम घटनाक्रम हो सकते हैं।
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