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नेपाल बाढ़ में मासूम की हिम्मत सलामत बची जिंदगी की कहानी बनी मिसाल

Ratna Netam
29 Aug 2026 6:13 PM IST
नेपाल बाढ़ में मासूम की हिम्मत सलामत बची जिंदगी की कहानी बनी मिसाल
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काठमांडू।नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच एक 8 साल के बच्चे की हिम्मत और सूझबूझ की कहानी सामने आई है। जब चारों तरफ पानी, मलबा और तबाही का मंजर था, तब छोटे से बच्चे ने डरने के बजाय अपनी जान बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। बाढ़ के तेज बहाव से बचने के लिए बच्चा जंगल की ओर भागा और पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई।
इस बच्चे का नाम **जोयाल घाले** बताया जा रहा है। नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के दौरान जोयाल स्कूल में मौजूद था। अचानक आई आपदा ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पानी, पत्थर और कीचड़ ने सबकुछ तहस-नहस कर दिया।
अचानक आई बाढ़ ने बदल दिया पूरा मंजर
जोयाल की मां मैटी माया तमांग उस समय घर पर थीं और रोज की तरह काम कर रही थीं। अचानक उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जैसे भूकंप आया हो। जब उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो इलाके में अफरा-तफरी मची हुई थी।
वह तुरंत अपने बच्चों की तलाश में स्कूल की तरफ दौड़ीं, लेकिन वहां पहुंचकर उनका दिल दहल गया। जिस जगह पर स्कूल और बाजार हुआ करते थे, वहां सिर्फ पानी, मलबा और पत्थर दिखाई दे रहे थे। स्कूल की इमारत भी बुरी तरह प्रभावित हो चुकी थी।
जंगल की ओर भागा बच्चा
बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ता देख जोयाल ने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। उसने अपने एक दोस्त के साथ स्कूल से निकलकर पास के जंगल की तरफ जाने का फैसला किया।
दोनों बच्चे पानी के तेज बहाव से बचने के लिए जंगल पहुंचे और वहां पेड़ों पर चढ़ गए। कई घंटों तक उन्होंने पेड़ों का सहारा लेकर अपनी जान बचाई। महज 8 साल की उम्र में जोयाल ने जिस हिम्मत का परिचय दिया, उसकी हर कोई तारीफ कर रहा है।
मां ने मान ली थी बेटे की मौत
उधर, जोयाल की मां अपने दोनों बच्चों को ढूंढते-ढूंढते परेशान हो चुकी थीं। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उन्हें डर सताने लगा कि शायद उनके दोनों बेटे अब इस दुनिया में नहीं रहे।
मैटी माया ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी। वह लगातार रो रही थीं और खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनका बेटा जिंदा है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हेलिकॉप्टर से पहुंचाया गया अस्पताल
बचाव अभियान के दौरान जोयाल को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बच्चे के पैर में चोट थी और चेहरे पर भी चोट के निशान मिले थे।
बाद में उसे उसकी मां से मिलाया गया। बेटे को सामने देखकर मां की आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था।
बाढ़ ने नेपाल में मचाई भारी तबाही
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
कई परिवार अपने घरों और अपनों से बिछड़ गए हैं। राहत और बचाव टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।
बच्चे की हिम्मत बनी उम्मीद की कहानी
जोयाल घाले की कहानी अब नेपाल की त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण बन गई है। जहां एक तरफ बाढ़ ने हजारों लोगों को दर्द दिया, वहीं इस छोटे बच्चे ने अपनी हिम्मत और समझदारी से साबित कर दिया कि मुश्किल हालात में भी हौसला नहीं छोड़ना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, आपदा के समय बच्चों और आम लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान तलाशना चाहिए और बचाव एजेंसियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
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