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कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राजधानी कीव के पास हुए एक भीषण हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। रूसी ड्रोन हमले के बाद यूक्रेन के कीव क्षेत्र में एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम **27 लोगों की मौत** हो गई। बताया जा रहा है कि रूसी हमले के बाद जिस जगह पर धमाका हुआ, वहां बड़ी मात्रा में विस्फोटक और गोला-बारूद रखा हुआ था। हमले के बाद आग भड़क उठी और कई जोरदार धमाके हुए।
इस घटना के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सैन्य सामग्री को रिहायशी इलाकों के पास रखने की व्यवस्था की जांच की जाएगी। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अगर गोला-बारूद का भंडारण नियमों के अनुसार नहीं हुआ तो यह भी इतनी बड़ी तबाही की वजह बन सकता है।
रूसी हमले के बाद शुरू हुआ मौत का सिलसिला
जानकारी के मुताबिक, कीव के पश्चिमी इलाके बुचा जिले के पास स्थित मायला गांव में एक गोदाम को निशाना बनाया गया। रूसी ड्रोन हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई और इसके बाद लगातार विस्फोट होने लगे।
धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई इलाकों में इसकी आवाज सुनी गई। आग की लपटें दूर तक दिखाई दीं और आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना में कई लोग घायल भी हुए हैं।
गोला-बारूद बना तबाही की बड़ी वजह
इस हमले में सबसे ज्यादा चर्चा उस गोदाम को लेकर हो रही है जहां विस्फोट हुआ। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी हमले के बाद वहां रखे विस्फोटक पदार्थों में आग लग गई, जिससे लगातार धमाके होते रहे।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि आखिर इतने संवेदनशील सामान को आबादी वाले इलाके के इतने करीब क्यों रखा गया था। उन्होंने संकेत दिया कि अगर नियमों की अनदेखी हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
आसपास के इलाकों में भारी नुकसान
विस्फोट के बाद आसपास के कई घरों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बचाव दलों ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और खोज अभियान चलाया।
कई घंटे तक आग बुझाने का काम जारी रहा। दमकल कर्मियों और आपातकालीन टीमों को लगातार विस्फोटों के बीच काम करना पड़ा।
जेलेंस्की ने उठाए सवाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को घटना की पूरी जांच करने के निर्देश दिए हैं।
यूक्रेनी प्रशासन का कहना है कि युद्ध के दौरान सैन्य सामग्री की सुरक्षा बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन और मिसाइल हमले लगातार बढ़ रहे हैं। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा करते रहे हैं।
रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए जाते हैं, जबकि यूक्रेन आरोप लगाता है कि इन हमलों में आम नागरिकों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यूक्रेन में इससे पहले भी हथियारों और गोला-बारूद के भंडारण को लेकर सवाल उठ चुके हैं। अधिकारियों ने कहा है कि पिछले कुछ मामलों के बाद भी अगर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।
युद्ध के दौरान हथियारों के भंडारण, सुरक्षा व्यवस्था और सैन्य ठिकानों की स्थिति को लेकर कई देशों में बहस होती रही है।
नागरिकों की बढ़ी मुश्किलें
युद्ध के कारण पहले ही लाखों लोग प्रभावित हैं। लगातार हमलों से बिजली, पानी, परिवहन और सामान्य जीवन पर असर पड़ा है। कीव और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हर नया हमला चिंता का कारण बन जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि युद्ध में सिर्फ सैनिक ही नहीं बल्कि आम नागरिक भी इसकी कीमत चुकाते हैं।
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