विश्व
यूरोप में आतंकी खतरे की चेतावनी पुलिस और प्रदर्शनकारी निशाने पर
Ratna Netam
24 Oct 2026 6:28 PM IST

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मैड्रिड/लिस्बन। यूरोप के कई देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच जिहादी चरमपंथियों की ओर से पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की अपील किए जाने की खबर सामने आई है। स्पेन के अधिकारियों ने कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट से जुड़े एक ऑनलाइन मंच पर ऐसे संदेशों की पहचान की है, जिनमें बड़े प्रदर्शनों और सड़कों पर होने वाली झड़पों का फायदा उठाकर हमले करने के लिए उकसाया गया है। इस जानकारी के बाद पुर्तगाल की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली ने भी स्थिति पर करीबी नजर रखने की पुष्टि की है। हालांकि, रिपोर्टों में किसी खास स्थान, तारीख या आसन्न हमले की ठोस योजना की पुष्टि नहीं की गई है।
स्पेन के अधिकारियों ने ऑनलाइन संदेशों की पहचान की
स्पेनिश अखबार एल पैस की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के गृह मंत्रालय के साइबर सुरक्षा समन्वय कार्यालय ने ऑनलाइन सामग्री की निगरानी के दौरान कुछ संदेशों की पहचान की। इन संदेशों में यूरोप के कई देशों में चल रहे प्रदर्शनों के दौरान पुलिस अधिकारियों और भीड़ को निशाना बनाने के लिए उकसाया गया था।रिपोर्ट के मुताबिक, जिस ऑनलाइन मंच पर ये संदेश मिले, उसका संबंध कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट से जुड़ी विचारधारा से बताया गया है। अधिकारियों ने इस सामग्री को सुरक्षा संबंधी चेतावनी के तौर पर संबंधित विभागों के साथ साझा किया।इन संदेशों में बड़े जनसमूहों और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच होने वाली झड़पों को हिंसा भड़काने के अवसर के रूप में पेश किया गया। हालांकि, किसी विशेष हमले की योजना या उसके लिए तय स्थान और समय का प्रमाण सामने नहीं आया है।
पुर्तगाल की सुरक्षा एजेंसी ने क्या कहा?
पुर्तगाल की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली (SSI) ने समाचार एजेंसी लूसा को दिए बयान में कहा कि वह इस खतरे पर करीबी नजर रख रही है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि उसकी महासचिव संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय करते हुए स्थिति की निगरानी कर रही हैं।पुर्तगाल का नाम भी उन देशों में शामिल है, जहां हाल के सप्ताहों में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गतिविधियों और संभावित खतरों का आकलन कर रही हैं।
फ्रांस, स्पेन, इटली और पुर्तगाल में प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांस, स्पेन, इटली और पुर्तगाल में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। पुर्तगाल और स्पेन में महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत तथा आवास संकट जैसे मुद्दे प्रदर्शनों के प्रमुख कारण बताए गए हैं।फ्रांस में पिछले सप्ताहांत हुए प्रदर्शनों में 8 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया गया था। इसी दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा और सार्वजनिक इमारतों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।स्पेन के अधिकारियों की रिपोर्ट में बड़े प्रदर्शनों के दौरान पैदा होने वाली अव्यवस्था को लेकर चिंता जताई गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चरमपंथी प्रचार में सार्वजनिक असंतोष और तनावपूर्ण माहौल का इस्तेमाल लोगों को हिंसा के लिए उकसाने के उद्देश्य से किया जा सकता है।
क्या किसी बड़े हमले की पुष्टि हुई है?
अब तक सामने आई रिपोर्टों में किसी निश्चित स्थान पर तत्काल हमला होने की पुष्टि नहीं की गई है। न ही किसी खास तारीख या जगह पर हमले की ठोस परिचालन योजना सार्वजनिक की गई हैस्पेन के अधिकारियों ने ऑनलाइन संदेशों की पहचान की है, लेकिन खतरे से जुड़ी सामग्री और किसी वास्तविक, तैयार हमले के बीच अंतर करना जरूरी है। सामान्य रूप से हिंसा के लिए उकसाने वाले संदेश अपने आप में किसी आसन्न हमले का प्रमाण नहीं होते।रिपोर्टों के अनुसार, स्पेन में आतंकवाद संबंधी सतर्कता पहले से ही उच्च स्तर पर है। सुरक्षा एजेंसियां चरमपंथी सामग्री की निगरानी कर रही हैं और संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही हैं।
सार्वजनिक सुरक्षा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर
इस घटनाक्रम ने यूरोप में सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। प्रशासन के सामने एक ओर प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार की रक्षा करने और दूसरी ओर संभावित हिंसक घटनाओं को रोकने की चुनौती है।पुर्तगाल की सुरक्षा एजेंसी ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय जारी रखने की बात कही है। वहीं, स्पेन में सामने आए संदेशों की जानकारी सुरक्षा तंत्र तक पहुंचाई गई है, ताकि जोखिम का आकलन किया जा सके।फिलहाल, यूरोपीय देशों में सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी जारी है। अधिकारियों के सामने मुख्य चुनौती ऑनलाइन चरमपंथी प्रचार को वास्तविक खतरे से अलग करके देखना और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नागरिकों तथा पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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