Oil ship, पर फायरिंग से तनाव, क्रू सुरक्षित, नेवी ने संभाला मोर्चा

Iraq इराक : करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे एक तेल टैंकर पर हमले की सनसनीखेज घटना सामने आई है। ‘एमटी सैनमार हेराल्ड’ नाम का यह जहाज स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरानी जलक्षेत्र के पास फायरिंग की चपेट में आ गया, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।जानकारी के अनुसार, इस टैंकर में इराक का ‘बसरा मीडियम’ और ‘बसरा हेवी’ क्रूड ऑयल लदा हुआ था। जब जहाज ईरानी जलक्षेत्र के करीब से गुजर रहा था, तभी उस पर अज्ञात हमलावरों द्वारा गोलियां चलाई गईं। इस हमले में गोलियों के छर्रे लगने से जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) हिस्से को नुकसान पहुंचा है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। टैंकर पर कैप्टन समेत कुल 22 क्रू मेंबर मौजूद थे। किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई है, जिससे बड़ा मानवीय नुकसान टल गया।हमले के तुरंत बाद चालक दल ने सूझबूझ दिखाते हुए जहाज का रूट बदल दिया और उसे सुरक्षित मार्ग की ओर मोड़ दिया। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जहाज को जोखिम वाले क्षेत्र से बाहर निकाला गया और बाद में भारतीय तट की ओर बढ़ाया गया।
रूट बदलने के बाद यह तेल टैंकर बिना किसी अन्य बाधा के ओडिशा के पारादीप बंदरगाह तक सुरक्षित पहुंचने में सफल रहा। बंदरगाह पर पहुंचने के बाद जहाज की सुरक्षा और नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया गया।समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जहाज पर हमला किसने किया, लेकिन घटना की जांच शुरू किए जाने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की निगरानी कर रही हैं और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।इस घटना के बाद समुद्री मार्गों की सुरक्षा और कड़े किए जाने की मांग भी उठने लगी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।





