
काबुल। अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस को लेकर अमेरिका और तालिबान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। तालिबान सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बगराम एयरबेस को लेकर की जा रही मांग पर तीखा हमला बोला है। तालिबान के सूचना एवं संस्कृति मंत्री मुहाजिर फराही ने ट्रंप का मजाक उड़ाते हुए कहा कि अमेरिका बगराम एयरबेस को केवल सपनों में ही हासिल कर सकता है। फराही ने कहा कि बगराम एयरबेस अब अमेरिका के नियंत्रण से बाहर है और भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है और किसी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा।
बगराम एयरबेस को लेकर ट्रंप का दावा
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करने की बात कह चुके हैं। ट्रंप का मानना है कि यह एयरबेस रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और चीन के करीब होने के कारण अमेरिका के लिए इसका महत्व और बढ़ जाता है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका बगराम एयरबेस को वापस हासिल करने की कोशिश कर रहा है। उनके इस बयान के बाद तालिबान की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। तालिबान मंत्री फराही ने इसे खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका अब इस ठिकाने पर अपना नियंत्रण वापस नहीं पा सकता।
क्या है बगराम एयरबेस की अहमियत
बगराम एयरबेस अफगानिस्तान का एक प्रमुख सैन्य ठिकाना रहा है। इसे काबुल के उत्तर में सोवियत संघ ने बनाया था। बाद में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में सैन्य अभियान के दौरान इस एयरबेस का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया। करीब दो दशक तक यह बेस अमेरिकी सेना के लिए अफगानिस्तान में सबसे महत्वपूर्ण सैन्य केंद्रों में से एक रहा। अगस्त 2021 में अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान ने इस एयरबेस पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से यह ठिकाना तालिबान के नियंत्रण में है।
पाकिस्तान को तालिबान की चेतावनी
बगराम एयरबेस के मुद्दे के साथ-साथ तालिबान मंत्री ने पाकिस्तान को भी चेतावनी दी है। फराही ने कहा कि अफगानिस्तान किसी भी बाहरी हमले का जवाब देने में सक्षम है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना को पहले भी जवाब दिया गया है और अफगानिस्तान किसी भी दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव बढ़ा है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव बढ़ा
हाल ही में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा और सुरक्षा मुद्दों को लेकर विवाद बढ़ा है। अफगानिस्तान ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान के हवाई हमलों में कई नागरिकों की मौत हुई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया है। पाकिस्तान का कहना है कि उसके सैन्य अभियान आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे और इसमें कई आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया है।
भारत के साथ अच्छे संबंधों की बात
पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच तालिबान ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर भी बयान दिया है। मंत्री मुहाजिर फराही ने कहा कि अफगानिस्तान की विदेश नीति देशहित को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के संबंध ऐतिहासिक रूप से अच्छे रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक तथा कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई बाहरी देश अफगानिस्तान को यह निर्देश नहीं दे सकता कि उसे किस देश के साथ संबंध रखने चाहिए और किसके साथ नहीं।
बगराम एयरबेस को लेकर ट्रंप और तालिबान के बीच बढ़ी बयानबाजी ने एक बार फिर अफगानिस्तान के रणनीतिक महत्व को चर्चा में ला दिया है। आने वाले समय में अमेरिका, तालिबान और क्षेत्रीय देशों के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।





