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600 से ज्यादा फ्लाइट्स रद
लंदन: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी ने हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। सिस्टम फेल होने के कारण देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन बाधित हुआ और 600 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। बड़ी संख्या में यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
ब्रिटेन की एयर ट्रैफिक कंट्रोल सेवा संचालित करने वाली संस्था नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) के फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी समस्या सामने आई। इसके चलते हीथ्रो, गैटविक, एडिनबर्ग समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हुई।
उड़ानों में देरी से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
सिस्टम खराब होने के बाद कई यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। कई उड़ानें घंटों लेट हुईं, जबकि कुछ को रद्द कर दिया गया। एयरलाइंस ने यात्रियों से अपनी फ्लाइट की स्थिति जांचने की अपील की। हवाई यातायात में अचानक आई इस रुकावट का असर सिर्फ ब्रिटेन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप की कई उड़ानों पर भी पड़ा। एयरलाइंस के शेड्यूल बिगड़ने से यात्रियों को आगे की यात्रा में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
NATS ने मांगी माफी
नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज ने तकनीकी खराबी को स्वीकार करते हुए यात्रियों से माफी मांगी। संस्था ने बताया कि इंजीनियरों ने समस्या की पहचान कर उसे ठीक कर दिया है, लेकिन उड़ानों का सामान्य संचालन बहाल करने में कुछ समय लग सकता है। NATS ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तकनीकी समस्या के दौरान हवाई सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया। हालांकि, प्रभावित उड़ानों की संख्या को देखते हुए ब्रिटेन की विमानन व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
एयरलाइंस ने उठाए सवाल
इस घटना के बाद कई एयरलाइंस ने ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। कुछ कंपनियों ने बार-बार हो रही तकनीकी समस्याओं को लेकर सुधार की मांग की है। एयरलाइन कंपनियों का कहना है कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में किसी भी तरह की खराबी का असर हजारों यात्रियों और पूरे विमानन नेटवर्क पर पड़ता है।
भारत से जाने वाली उड़ानों पर भी असर
ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक सिस्टम में खराबी का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी दिखाई दिया। मुंबई से लंदन जाने वाली एयर इंडिया की एक उड़ान को तकनीकी बाधा के कारण ज्यूरिख डायवर्ट करना पड़ा।
जांच और सुधार की तैयारी
ब्रिटेन के विमानन नियामक ने इस घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम की मजबूती और बैकअप व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। ब्रिटेन में हुई यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आधुनिक विमानन व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर है और छोटी तकनीकी खराबी भी बड़े स्तर पर हवाई सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।
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