
वर्ल्ड | अंतरिक्ष में छह महीने बिताने के बाद जब सुनीता विलियम्स पृथ्वी पर लौटेंगी, तो उन्हें कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। माइक्रोग्रैविटी में लंबा समय बिताने के बाद चलना, देखना और सामान्य गतिविधियाँ करना मुश्किल हो सकता है।
पृथ्वी पर लौटते ही क्या होगा असर?
1. संतुलन और चलने में कठिनाई
अंतरिक्ष में महीनों तक भारहीनता में रहने से शरीर गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को भूल जाता है। पृथ्वी पर लौटते ही मांसपेशियों को फिर से वजन सहने की आदत डालनी पड़ती है। इस कारण कई अंतरिक्ष यात्रियों को शुरुआत में ठीक से खड़ा होने और चलने में परेशानी होती है।
2. चक्कर और मतली महसूस होना
ISS में रहने के दौरान शरीर का आंतरिक संतुलन प्रणाली (Inner Ear Balance System) अलग तरीके से काम करने लगता है। जब अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौटते हैं, तो उन्हें अक्सर चक्कर आने, सिर घूमने और मतली होने की समस्या होती है।
3. नजर पर असर
अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने से आंखों की रोशनी भी प्रभावित होती है। माइक्रोग्रैविटी के कारण रेटिना और ऑप्टिक नर्व पर दबाव पड़ता है, जिससे धुंधला दिखना या फोकस करने में परेशानी हो सकती है। कई अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर लौटने के बाद कुछ दिनों तक चश्मे की जरूरत पड़ती है।
4. हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी
गुरुत्वाकर्षण की अनुपस्थिति में हड्डियों पर कोई दबाव नहीं पड़ता, जिससे बोन डेंसिटी (Bone Density) कम हो जाती है। पृथ्वी पर लौटने के बाद हड्डियों और मांसपेशियों को फिर से मजबूत होने में कई हफ्ते या महीने लग सकते हैं। इसी कारण, लौटने के बाद अंतरिक्ष यात्रियों को फिजियोथेरेपी और विशेष व्यायाम करने पड़ते हैं।
5. रक्त संचार और दिल की कार्यक्षमता पर असर
माइक्रोग्रैविटी में दिल को कम मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्त संचार धीमा हो जाता है। पृथ्वी पर लौटते ही रक्त का प्रवाह बदल जाता है, जिससे कुछ अंतरिक्ष यात्रियों को कमज़ोरी और चक्कर आने की समस्या होती है।
कैसे होती है रिकवरी?
नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियाँ, अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर लौटने के बाद एक विशेष पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरने के लिए कहती हैं। इसमें शामिल हैं:
✔ फिजियोथेरेपी और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग – हड्डियों और मांसपेशियों को फिर से मजबूत करने के लिए।
✔ संतुलन अभ्यास – शरीर की बैलेंसिंग प्रणाली को सामान्य करने के लिए।
✔ न्यूट्रिशन प्लान – शरीर की ताकत वापस लाने के लिए विशेष डाइट।
अंतरिक्ष यात्रियों के लिए क्यों जरूरी है यह तैयारी?
मंगल और चंद्रमा जैसे गहरे अंतरिक्ष मिशनों की तैयारी के लिए, वैज्ञानिक यह समझना चाहते हैं कि मानव शरीर लंबी अवधि के स्पेस मिशन से कैसे उबरता है। सुनीता विलियम्स की यह वापसी भी ऐसे अभियानों के लिए महत्वपूर्ण सबक देगी।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब सुनीता अंतरिक्ष से लौटी हैं। अपने पिछले मिशनों में भी उन्होंने शानदार रिकवरी की थी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार वह अपनी फिटनेस कैसे वापस हासिल करती हैं!





