यूक्रेन की नई रणनीति से रूस परेशान, ऊर्जा ठिकानों पर लगातार हमले

नई दिल्ली : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और ज्यादा आक्रामक होता जा रहा है। दोनों देशों की सेनाएं लगातार एक-दूसरे के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना रही हैं। इसी कड़ी में यूक्रेनी सेना ने रूस के सारातोव क्षेत्र में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में भीषण आग लग गई। यूक्रेनी सेना ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य रूस की ईंधन उत्पादन क्षमता को कमजोर करना था।
यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने टेलीग्राम पर जारी बयान में बताया कि यूक्रेनी बलों ने रूस की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाने की रणनीति के तहत यह कार्रवाई की। हमला सारातोव क्षेत्र में स्थित रोसनेफ्ट पीजेएससी की प्रमुख तेल रिफाइनरी पर किया गया। यह रिफाइनरी रूस की महत्वपूर्ण ऊर्जा इकाइयों में शामिल है और यहां बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया जाता है।
यूक्रेनी सेना के अनुसार, इस हमले के साथ ही रूस के एंगेल्स एयरफील्ड को भी निशाना बनाया गया। यह एयरबेस रूसी वायुसेना के लिए बेहद अहम माना जाता है। यहां लंबी दूरी तक हमला करने वाले Tu-95 रणनीतिक बमवर्षक विमान तैनात रहते हैं। रूस इन विमानों का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ क्रूज मिसाइल हमलों के लिए करता रहा है।
सारातोव और एंगेल्स क्षेत्र में हुए हमले के बाद स्थानीय अधिकारियों ने नुकसान की जानकारी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, हमले के कारण कुछ नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इस घटना में दो नागरिकों की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, नासा के फायर इन्फॉर्मेशन फॉर रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम की सैटेलाइट तस्वीरों में सारातोव रिफाइनरी के आसपास गर्मी संबंधी गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जो वहां आग लगने की पुष्टि करती हैं।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन ने रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले तेज कर दिए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में यूक्रेनी सेना ने रूस की सीमा से काफी दूर स्थित तेल रिफाइनरियों और औद्योगिक क्षेत्रों को भी निशाना बनाया है। यूक्रेन का उद्देश्य रूस की ईंधन आपूर्ति व्यवस्था और सैन्य अभियानों को प्रभावित करना बताया जा रहा है।
इससे पहले भी यूक्रेन ने रूस की कई बड़ी ऊर्जा इकाइयों पर ड्रोन हमले किए हैं। हाल ही में रूस की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था। इसके बाद बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में स्थित औद्योगिक क्षेत्रों पर भी ड्रोन हमला हुआ था। उफा में बाशनेफ्ट की तीन प्रमुख रिफाइनरियां मौजूद हैं।
बश्कोर्तोस्तान के प्रमुख रादिय खाबिरोव ने रविवार को जानकारी दी कि क्षेत्र की औद्योगिक सुविधाओं पर एक और बड़ा ड्रोन हमला हुआ। उन्होंने बताया कि उफा के एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई थी। हालांकि, उन्होंने हमले से जुड़ी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की।
इन लगातार हमलों से रूस की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले भी रूस के कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर परेशानियां सामने आई थीं। कई जगहों पर ईंधन बिक्री को सीमित किया गया था या कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।
सारातोव तेल रिफाइनरी की क्षमता प्रतिदिन करीब 1 लाख 40 हजार बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की बताई जाती है। इससे पहले भी 8 जुलाई को इस रिफाइनरी पर हमला हुआ था। हालांकि, उस हमले के बाद रिफाइनरी ने कुछ समय बाद दोबारा काम शुरू कर दिया था।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी इस संघर्ष में अब ऊर्जा प्रतिष्ठान और सैन्य ठिकाने दोनों देशों की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्ष एक-दूसरे की महत्वपूर्ण सुविधाओं को निशाना बनाकर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। फिलहाल रूस की ओर से इस हमले पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।





