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Karachi में डॉक्टरों के प्रदर्शन से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट गहराया, बकाया भुगतान को लेकर विरोध तेज

Gulabi Jagat
5 July 2026 7:14 PM IST
Karachi में डॉक्टरों के प्रदर्शन से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट गहराया, बकाया भुगतान को लेकर विरोध तेज
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Karachi : कराची के अब्बासी शहीद अस्पताल में हाउस ऑफिसर्स ने बकाया स्टाइपेंड (भत्ते), अपर्याप्त सुरक्षा और अस्पताल की खराब सुविधाओं को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है, जिससे पाकिस्तान की पहले से ही दबाव झेल रही पब्लिक हेल्थकेयर व्यवस्था की आलोचना हो रही है।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध कर रहे डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन (KMC) ने बिना किसी देरी के उनकी मांगों को पूरा नहीं किया, तो वे आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) की सेवाएं बंद कर देंगे।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन का यह छठा दिन था। हाउस ऑफिसर्स ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाते हुए प्लेकार्ड और बैनर उठाए। लगातार चल रहे विरोध के बावजूद, डॉक्टरों ने कहा कि वे मरीजों को जरूरी हेल्थकेयर से वंचित न होने देने के लिए मेडिकल सेवाएं देते रहे हैं। उन्होंने अपनी मांगों को जायज और लंबे समय से लंबित बताया।

विरोध कर रहे डॉक्टरों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है और दावा किया कि तय मासिक स्टाइपेंड (45,000 PKR) का भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब्बासी शहीद अस्पताल के हाउस ऑफिसर्स को पूरा स्टाइपेंड क्यों नहीं दिया जा रहा है, जबकि दूसरे सरकारी अस्पतालों में समान काम करने वाले डॉक्टरों को नियमित भुगतान मिल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने इस अंतर को भेदभावपूर्ण माना और अधिकारियों से इस मुद्दे को तुरंत हल करने की अपील की।

हाउस ऑफिसर्स ने अस्पताल के अंदर सुरक्षा हालात पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं या मरीजों की मौत के बाद, तीमारदारों (मरीजों के साथ आने वाले लोगों) के बड़े समूह अक्सर अस्पताल परिसर में घुस आते हैं, जिससे मेडिकल स्टाफ पर दबाव पड़ता है और वे इलाज से जुड़े फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, विरोध कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की घटनाएं आम हो गई हैं, फिर भी मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।

वित्तीय और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के अलावा, प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल में जरूरी दवाओं की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका तर्क है कि बुनियादी दवाओं की कमी से मरीजों के इलाज पर असर पड़ रहा है और डॉक्टरों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर KMC ने उनकी मांगों पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी, तो वे OPD सेवाएं बंद करके और अपने आंदोलन का दायरा बढ़ाकर विरोध को और तेज करेंगे।

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