राष्ट्रपति पुतिन भी चीन पहुंचे, PM मोदी के साथ हो सकती है मुलाकात

चीन. रूस के राष्ट्रपति पुतिन SCO समिट में हिस्सा लेने तियानजिन पहुँचे है. वहीं पीएम मोदी के चीन दौरे पर एक्सपर्ट का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये चीन दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब पूरी दुनिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीतियों से जूझ रही है. ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ के बाद PM मोदी के इस चीन दौरे से भारत ने कूटनीति की नई बिसात बिछाई है. तिआनजिन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वन-टू-वन मीटिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता से तय होगा कि दुनिया की धुरी क्या होगी. अमेरिका और यूरोप इस मीटिंग पर टकटकी लगाए देख रहे हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि पीएम मोदी का ये दौरा सिर्फ बहुपक्षीय बैठक तक सीमित नहीं है. इसमें दुनिया की कूटनीति का नया अध्याय छिपा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की से बातचीत की और कीव तथा मॉस्को के बीच चल रहे युद्ध के ताजा हालात पर चर्चा की. बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने जेलेंस्की का आभार जताया और शांति बहाली तथा शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के लगातार समर्थन को दोहराया. यह बातचीत उस समय हुई जब प्रधानमंत्री मोदी अगले दिन तिआनजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने वाले हैं.
यह बैठक स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 12 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे) होगी और इसके लिए 40 मिनट का समय निर्धारित किया गया है. दोनों नेताओं की बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और चीन के रिश्तों में कुछ नरमी आई है. यह मोदी का सात साल बाद चीन का पहला दौरा है और दस महीनों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी दूसरी मुलाकात होगी. पिछली मुलाकात रूस के कजान शहर में हुए ब्रिक्स 2024 सम्मेलन के दौरान हुई थी.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन SCO समिट में हिस्सा लेने तियानजिन पहुँचे
— Umashankar Singh उमाशंकर सिंह (@umashankarsingh) August 31, 2025
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