
वर्ल्ड | पोप फ्रांसिस आखिरकार एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में रहने के बाद बाहर आ गए हैं, जिससे उनके अनुयायियों और दुनियाभर के कैथोलिक समुदाय में खुशी की लहर है। 87 वर्षीय पोप को हाल ही में सांस से जुड़ी तकलीफ और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के चलते भर्ती कराया गया था। अब डॉक्टरों ने उनकी हालत में सुधार की पुष्टि कर दी है, जिसके बाद उन्हें वेटिकन लौटने की अनुमति दे दी गई।
कैसा रहा पोप का इलाज?
पिछले कुछ वर्षों से पोप फ्रांसिस की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई थी। उन्हें सांस संबंधी दिक्कतों और थकावट की समस्या थी, जिसके कारण डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इस बार भी अस्पताल में उनके लिए विशेष निगरानी रखी गई और कई चिकित्सकीय परीक्षण किए गए।
पोप ने अस्पताल में रहते हुए भी अपने आधिकारिक कार्यों को जारी रखा। उन्होंने वीडियो संदेशों और ऑनलाइन बैठकों के जरिए चर्च से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में हिस्सा लिया। अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने सभी शुभचिंतकों और डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया।
विश्वभर से शुभकामनाएं
जैसे ही पोप फ्रांसिस के स्वस्थ होने की खबर आई, दुनियाभर के नेताओं, धार्मिक गुरुओं और उनके अनुयायियों ने खुशी जाहिर की। वेटिकन सिटी में भी बड़ी संख्या में लोग चर्च पहुंचे और उनकी अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना की।
पोप फ्रांसिस ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे दुनिया में शांति और भाईचारे का संदेश फैलाना जारी रखें। उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य अब बेहतर है और वे जल्द ही चर्च की गतिविधियों में पूरी तरह सक्रिय होंगे।
अब आगे क्या?
स्वास्थ्य में सुधार के बाद पोप फ्रांसिस जल्द ही अपने नियमित कार्यक्रमों में लौट सकते हैं। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें ज्यादा मेहनत से बचने और आराम करने की सलाह दी है। माना जा रहा है कि वह अपने विदेशी दौरों को सीमित कर सकते हैं और वेटिकन से ही चर्च के कार्यों का संचालन करेंगे।
पोप के स्वास्थ्य में सुधार की खबर से उनके अनुयायियों को बड़ी राहत मिली है। अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि वे कब तक पूरी तरह से सक्रिय होकर अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार होंगे।





