
वर्ल्ड | गाजा में जारी युद्ध के बीच इस्राइली सेना ने एक और बड़ा हमला किया है। इस बार गाजा के ऐतिहासिक नासिर अस्पताल को निशाना बनाया गया, जहां जबरदस्त बमबारी की गई। इस हमले में हमास के दो प्रमुख कमांडरों की मौत हो गई, जिनकी पहचान अहमद अल-घोल और फादी अल-मसरी के रूप में हुई है। इस्राइल का दावा है कि ये दोनों कमांडर गाजा में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल थे और उन पर कई हमलों की साजिश रचने का आरोप था। दूसरी ओर, हमास ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे "युद्ध अपराध" करार दिया है और इस्राइल पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
नासिर अस्पताल बना युद्ध का मैदान
गाजा का नासिर अस्पताल इस पूरे हमले का केंद्र रहा, जहां इस्राइली सेना ने एयरस्ट्राइक के जरिए कई मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि इस हमले में बड़ी संख्या में आम नागरिक भी हताहत हुए हैं। नासिर अस्पताल दक्षिणी गाजा का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र था, जहां हजारों घायल लोगों का इलाज किया जा रहा था। हमले के बाद अस्पताल में अफरातफरी मच गई और चिकित्सा सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा।
इस्राइली सेना का कहना है कि यह हमला पूरी तरह से एक सैन्य अभियान का हिस्सा था और इसमें उन स्थानों को निशाना बनाया गया जहां हमास के आतंकवादी मौजूद थे। उनका दावा है कि अस्पताल के भीतर से हमास के लड़ाके इस्राइली सेना पर हमले कर रहे थे, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।
इस्राइल का बचाव, हमास का आरोप
इस्राइल की सेना ने इस हमले को "सटीक सैन्य ऑपरेशन" करार दिया और कहा कि उन्होंने केवल उन्हीं ठिकानों पर हमला किया जहां से आतंकवाद फैलाया जा रहा था। इस्राइली रक्षा बलों (IDF) ने कहा कि उन्होंने हमले से पहले अस्पताल में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का समय दिया था, लेकिन इसके बावजूद कई आम नागरिक इस हमले की चपेट में आ गए।
दूसरी ओर, हमास ने इस हमले को "मानवता के खिलाफ अपराध" बताते हुए इस्राइल पर नागरिक बुनियादी ढांचे को तबाह करने का आरोप लगाया। हमास के प्रवक्ता ने कहा कि इस्राइल जानबूझकर अस्पतालों, स्कूलों और आश्रय स्थलों को निशाना बना रहा है ताकि गाजा के लोगों में डर और दहशत फैलाई जा सके।
गाजा में हालात बद से बदतर
गाजा में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं। इस युद्ध ने पहले ही हजारों लोगों की जान ले ली है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों पर हमले से घायलों का इलाज कर पाना और भी मुश्किल हो गया है। संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठन इस्राइल से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
गाजा में रह रहे आम लोगों के लिए यह युद्ध एक भयावह सपने जैसा बन चुका है। बिजली, पानी, खाने-पीने की वस्तुओं और दवाइयों की भारी कमी हो गई है। इस्राइली हमलों के चलते राहत सामग्री भी प्रभावित हो रही है, जिससे मानवीय संकट और गहरा गया है।
क्या शांति संभव है?
इस युद्ध को रोकने के लिए कई देशों ने मध्यस्थता करने की कोशिश की है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और कई यूरोपीय देशों ने इस्राइल और हमास दोनों से संघर्षविराम करने की अपील की है, लेकिन कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं दिख रहा।
अब यह देखना होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते इस्राइल और हमास किसी समझौते पर पहुंचते हैं या फिर यह संघर्ष और लंबे समय तक जारी रहेगा। फिलहाल, गाजा के हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं और वहां के लोग इस त्रासदी से बाहर निकलने की राह देख रहे हैं।





