
Victoria विक्टोरिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स की ओर से पर्यावरण संरक्षण और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के उनके प्रयासों के लिए प्रतिष्ठित ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइज़न’ की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी द्वारा प्रदान किया गया। यह सेशेल्स द्वारा किसी भी विदेशी नेता को दिया गया पहला ऐसा विशेष सम्मान बताया जा रहा है, जो पर्यावरण और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शाता है।
यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसी दूसरे देश से मिला 34वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है, जो वैश्विक स्तर पर उनके बढ़ते प्रभाव और कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है। इस अवसर पर सेशेल्स सरकार और वहां के नेतृत्व ने भारत के साथ मजबूत होते संबंधों और वैश्विक पर्यावरण संरक्षण में भारत की भूमिका की भी सराहना की।
समारोह के दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान सौंपते हुए कहा कि उनका नेतृत्व न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक समुदाय के लिए भी प्रेरणादायक है। विशेष रूप से समुद्री पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ प्रयास और छोटे द्वीपीय देशों की चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने के उनके प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया गया।
Grateful to the people and Government of Seychelles as well as President Herminie for conferring upon me the ‘Guardian of the Blue Horizon.’
— Narendra Modi (@narendramodi) June 28, 2026
I humbly accept this honour and dedicate it to all those countries that are fighting the challenge of climate change and consider… pic.twitter.com/iI4c7BjnFq
प्रधानमंत्री मोदी ने यह सम्मान स्वीकार करते हुए सेशेल्स सरकार और वहां के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने इसे भारत के नाम समर्पित करते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा और वैश्विक सहयोग की भावना ने ही भारत को इस स्तर तक पहुंचाया है।
मोदी ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समुद्र और पर्यावरण केवल एक देश की नहीं बल्कि पूरी मानवता की साझा धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि छोटे द्वीपीय देशों की समस्याएं जैसे समुद्र स्तर में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाएं पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं और इनके समाधान के लिए वैश्विक सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा से ही पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के सिद्धांतों के साथ आगे बढ़ता रहा है और आने वाले समय में भी इस दिशा में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा। उन्होंने सेशेल्स के साथ सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है जब भारत वैश्विक मंचों पर जलवायु परिवर्तन, समुद्री संरक्षण और हरित ऊर्जा जैसे मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मंचों पर पर्यावरण संरक्षण की पहल की है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और लाइफ मिशन जैसी योजनाएं प्रमुख हैं।
सेशेल्स द्वारा दिया गया यह सम्मान भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को भी दर्शाता है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, पर्यटन, व्यापार और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और विकास के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मान न केवल व्यक्तिगत नेतृत्व को मान्यता देते हैं, बल्कि देशों के बीच संबंधों को भी नई मजबूती प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है।
इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी को कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योगदान के लिए सम्मानित किया जा चुका है। यह नया सम्मान उनके पर्यावरण और वैश्विक सहयोग के प्रयासों को और अधिक मान्यता देता है।
सेशेल्स सरकार ने इस अवसर पर भारत के साथ साझेदारी को और आगे बढ़ाने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि भारत का सहयोग छोटे द्वीपीय देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में।
इस सम्मान समारोह के बाद दोनों देशों के बीच भविष्य की साझेदारी को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर का उपयोग भारत और सेशेल्स के संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में किया।
कुल मिलाकर, ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइज़न’ सम्मान न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि भारत पर्यावरण संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।





