
वर्ल्ड | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की है। यह मुलाकात म्यांमार में चल रहे राजनीतिक संकट और संघर्ष के बीच हुई है, जिसमें सैन्य शासन के खिलाफ देश में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। पीएम मोदी और जनरल मिन आंग ह्लाइंग के बीच यह मुलाकात महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नया दिशा देने की संभावनाओं को खोल सकती है।
इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दों पर चर्चा की। भारत ने म्यांमार के साथ अपने रिश्तों को महत्वपूर्ण माना है, खासकर सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और तस्करी जैसी चुनौतियों से निपटने के संदर्भ में। प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बहाल करने का समर्थन किया, लेकिन साथ ही, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के लिए सैन्य सरकार से सहयोग की बात की।
भारत ने हमेशा म्यांमार के साथ अच्छे रिश्तों को बनाए रखने की कोशिश की है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके खिलाफ आलोचनाएं बढ़ी हैं। यह मुलाकात म्यांमार की राजनीतिक स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भारत की रणनीति को भी दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच अधिक संवाद और सहयोग की संभावना के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि म्यांमार के लोकतांत्रिक संकट के समाधान में भारत का क्या स्थान होगा।





