
वर्ल्ड | पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शिक्षा संस्थानों को लेकर अपनी नीति में एक नया मोड़ लिया है, और अब ब्राउन यूनिवर्सिटी इस मोर्चे पर उनका अगला टारगेट बन सकती है। कोलंबिया विश्वविद्यालय पर हाल ही में किए गए हमले के बाद, ब्राउन यूनिवर्सिटी अब ट्रंप प्रशासन की आलोचना का शिकार हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ब्राउन यूनिवर्सिटी पर दबाव बढ़ा और इसकी नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, तो उसे संघीय अनुदान के रूप में $510 मिलियन का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस मुद्दे की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप प्रशासन ने यह आरोप लगाया कि कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में बाईडेन प्रशासन के तहत वित्तीय सहायता के नाम पर भेदभावपूर्ण नीतियाँ लागू की जा रही हैं, जो सफेद छात्रों और अन्य अल्पसंख्यक समूहों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। ट्रंप ने शिक्षा विभाग से इन संस्थानों को संघीय सहायता में कटौती करने का निर्देश दिया है, जो उनके हिसाब से इस नीति का पालन नहीं कर रहे हैं।
ब्राउन यूनिवर्सिटी, जो अमेरिका के प्रमुख Ivy League संस्थानों में से एक मानी जाती है, अब ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई के तहत इसका निशाना बन सकती है। अगर ब्राउन यूनिवर्सिटी को अपना फंड खोने की स्थिति आती है, तो यह $510 मिलियन का भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। यह राशि विश्वविद्यालय के विभिन्न अनुसंधान, छात्रवृत्ति, और अन्य अकादमिक परियोजनाओं के लिए जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा केवल ब्राउन तक सीमित नहीं रहेगा। अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों को भी इसके असर का सामना करना पड़ सकता है, और यह आने वाले समय में उच्च शिक्षा के वित्तीय तंत्र पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। इस मामले में अदालतों का हस्तक्षेप भी संभावित है, क्योंकि विश्वविद्यालयों और संघीय सरकार के बीच यह टकराव संवैधानिक मुद्दों से जुड़ा हो सकता है।





