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राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की हत्या की साजिश, कट्टरपंथी गुट ने खुली धमकी दी

Nil dhankar
19 July 2026 7:18 AM IST
राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की हत्या की साजिश, कट्टरपंथी गुट ने खुली धमकी दी
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बड़ी खबर. अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम पर अब खुद ईरान के भीतर गंभीर राजनीतिक संकट गहराता दिखाई दे रहा है. कट्टरपंथी गुटों ने राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और अमेरिकी वार्ता में शामिल शीर्ष नेताओं पर तख्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि अमेरिका के साथ समझौता कर सरकार ने इस्लामिक क्रांति के मूल सिद्धांतों और सर्वोच्च नेतृत्व के निर्देशों से समझौता किया है.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान भी यह नाराजगी खुलकर सामने आई. राष्ट्रपति पेजेशकियान के खिलाफ भीड़ ने "समझौतावादी मुर्दाबाद" के नारे लगाए, जबकि विदेश मंत्री अब्बास अराघची पर पथराव किया गया और उन्हें "देशद्रोही" तक कहा गया. अराघची वही नेता हैं जिन्होंने अमेरिका के साथ सीजफायर और कुछ प्रतिबंधों में राहत के लिए बातचीत की थी.

दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की शव यात्रा के दौरान अराघची को कट्टरपंथियों की उग्र भीड़ ने 'गद्दार' और 'बिकाऊ' कहते हुए पत्थरों से निशाना बनाया, जिसके बाद उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा. वहीं, राष्ट्रपति पेजेशकियान के सामने भीड़ ने "समझौतावादी मुर्दाबाद" के नारे लगाए. सरकार समर्थक एक कट्टरपंथी धार्मिक गायक मोहम्मद अली बख्शी ने एक जनसभा में राष्ट्रपति को सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी देते हुए कहा, "मिस्टर प्रेसिडेंट, अगर सर्वोच्च नेता की शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो हमारे हाथ में ब्लेड होगा और सामने आपका गला होगा. हम आपके लिए नरक बना देंगे."

ईरान के इस अंदरूनी घमासान के केंद्र में नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की रहस्यमयी गैर-मौजूदगी है. अपने पिता की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई ने अभी तक न तो देश को संबोधित किया है और न ही वह जनता के सामने आए हैं. आशंका जताई जा रही है कि वह अपनी जान के डर से छिपे हुए हैं या फिर अस्वस्थ हैं. कट्टरपंथी धड़े 'जेभ-ए-पायदारी' का आरोप है कि नए सर्वोच्च नेता की इस गैर-मौजूदगी का फायदा उठाकर राष्ट्रपति पेजेशकियान और मुख्य वार्ताकार गालिबफ देश की सत्ता पर पूरी तरह काबिज होने के लिए एक 'राजनैतिक तख्तापलट' को अंजाम दे रहे हैं. कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान ने सोशल मीडिया पर चेतावनी जारी करते हुए पूछा- ईरान के लोगों के लिए चेतावनी: क्या देश में कोई तख्तापलट होने वाला है?

ईरान के युद्धकालीन नेताओं का मानना है ये सुपर-क्रांतिकारी देश की सुरक्षा और अमेरिका के साथ चल रही रणनीतिक बातचीत के लिए भारी खतरा बन रहे हैं. यही कारण है कि संसद अध्यक्ष गालिबफ ने इन कट्टरपंथी तत्वों को सत्ता से दरकिनार करना शुरू कर दिया है. तख्तापलट की अफवाह फैलाने वाले मुख्य कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियान को संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. नबावियान ने पिछले महीने अमेरिकी वार्ता के गोपनीय दस्तावेजों को मीडिया में लीक करके सीजफायर को पटरी से उतारने की कोशिश की थी.

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