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Pakistan में बिगड़ते सुरक्षा हालात विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय

Gulabi Jagat
9 July 2026 5:47 PM IST
Pakistan में बिगड़ते सुरक्षा हालात विदेशी निवेशकों के लिए चिंता का विषय
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Islamabad , इस्लामाबाद: 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (OICCI) के हालिया सुरक्षा सर्वे से पता चला है कि पाकिस्तान में सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति, खासकर कराची और देश के पश्चिमी इलाकों में, निवेशकों का भरोसा कम कर रही है और बिजनेस के कामकाज में रुकावट डाल रही है।

'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, जून में पाकिस्तान में काम कर रहे बड़े विदेशी निवेशकों के बीच किए गए सालाना OICCI सुरक्षा सर्वे 2026 में पाया गया कि 71 प्रतिशत सदस्य कंपनियों के लीडर्स के लिए सुरक्षा तीन सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बन गई है। सर्वे में शामिल लोगों ने कहा कि कानून-व्यवस्था की लगातार समस्याएं निवेश आकर्षित करने और बिजनेस गतिविधियों को बढ़ाने में एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

सर्वे में कई इलाकों में सुरक्षा को लेकर बिगड़ती धारणाओं पर प्रकाश डाला गया। लगभग 42 प्रतिशत लोगों ने कहा कि कराची में सुरक्षा की स्थिति खराब हुई है, जबकि क्वेटा में 81 प्रतिशत और बाकी बलूचिस्तान में 86 प्रतिशत लोगों ने सुरक्षा की स्थिति में गिरावट की बात कही। बिजनेस करने वालों ने रोज़ाना आने-जाने के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी बढ़ती चिंताओं का ज़िक्र किया, खासकर कराची और क्वेटा में, जो रोज़मर्रा के कामकाज पर असुरक्षा के व्यापक असर को दिखाता है।

बिजनेस करने वालों के बीच स्ट्रीट क्राइम (सड़क पर होने वाले अपराध) सबसे बड़ी चिंता का विषय बना रहा। सर्वे में शामिल आधी कंपनियों ने पिछले साल की तुलना में कराची में स्ट्रीट क्राइम में बढ़ोतरी की बात कही, जबकि क्वेटा में भी ऐसी घटनाओं में काफी बढ़ोतरी देखी गई। कुल मिलाकर, लगभग एक-तिहाई लोगों ने कहा कि उनके बिजनेस पर असर डालने वाला सुरक्षा माहौल पिछले साल की तुलना में खराब हुआ है।

कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर भी भरोसा कम हुआ है। पिछले सर्वे की तुलना में कराची पुलिस और सिंध पुलिस के बारे में सकारात्मक राय में काफी गिरावट आई, हालांकि लोगों ने सिंध रेंजर्स और खैबर पख्तूनख्वा पुलिस पर अपेक्षाकृत बेहतर भरोसा जताया। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, बिजनेस करने वालों ने गैर-कानूनी तौर पर पैसे की मांग, विदेशी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बार-बार होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को भी कामकाज से जुड़ी बड़ी चुनौतियों के तौर पर बताया।

क्षेत्रीय अस्थिरता ने बिजनेस के जोखिमों को और बढ़ा दिया है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल लगभग 88 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि मध्य पूर्व में तनाव ने उनके कामकाज पर असर डाला है, जिसमें सप्लाई चेन में रुकावट सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरी है, इसके बाद कम कमर्शियल गतिविधि और कर्मचारियों की सुरक्षा का नंबर आता है।

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