Pakistan: कराची पर मॉनसून में बाढ़ का खतरा; नालों की धीमी सफाई से चिंता बढ़ी

Karachi , कराची : 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, मॉनसून का मौसम शुरू होते ही कराची में बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही बारिश सामान्य से कम होने का अनुमान है, लेकिन स्टॉर्मवॉटर ड्रेन (तूफानी पानी की निकासी वाली नालियों) की सफाई में धीमी प्रगति शहर को बाढ़ के खतरे में डाल सकती है।पाकिस्तान मौसम विभाग (PMD) के अनुसार, कराची में जुलाई से सितंबर के बीच बारिश होने की उम्मीद है, हालांकि इस साल बारिश औसत से कम रहने की संभावना है। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, शहर ने पहले भी कम बारिश के बावजूद गंभीर शहरी बाढ़ का सामना किया है; महज 15 मिलीमीटर बारिश से भी बड़े पैमाने पर जलभराव, ट्रैफिक में रुकावट और व्यापार को नुकसान हुआ है।
पर्यावरण विशेषज्ञ और क्लाइमेट एक्शन सेंटर के निदेशक यासिर हुसैन ने कहा कि नालियों की सफाई का सालाना अभियान कोई स्थायी समाधान देने में विफल रहा है।उन्होंने तर्क दिया कि अधिकारियों को बारिश के पानी को इकट्ठा करने के दीर्घकालिक उपायों पर ध्यान देना चाहिए, जैसे कि छत पर पानी का भंडारण, इंजेक्शन कुएं और छोटे बांध बनाना। साथ ही, भूजल को फिर से भरने और बाढ़ को कम करने के लिए प्राकृतिक जलमार्गों को बहाल करना और अतिक्रमण हटाना भी जरूरी है।
क्षेत्रीय योजनाकार सैयद नवाज-उल-हुदा ने कराची में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या के लिए दशकों से हो रहे अनियोजित शहरी विस्तार, अवैध बस्तियों, अतिक्रमण, सीवरेज कनेक्शन और अंधाधुंध कचरा फेंकने की घटनाओं को जिम्मेदार ठहराया। इन सबने शहर के प्राकृतिक जल निकासी नेटवर्क को बुरी तरह कमजोर कर दिया है।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए मजबूत स्थानीय प्रशासन, पर्याप्त फंड, नालियों का नियमित रखरखाव और अवैध रूप से कचरा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन (KMC) की एक रिपोर्ट में 19 ऐसी प्रमुख जगहों की पहचान की गई है, जहां भारी बारिश के दौरान गंभीर जलभराव होता है। इनमें टॉवर, आई.आई. चुंदरीगर रोड, शाहराह-ए-फैसल, नर्सरी, कारसाज़, नाथा खान, एयरपोर्ट एरिया, गुरुमंदिर, निपा चौरंगी, राशिद मिन्हास रोड, करीमाबाद और लियाकताबाद शामिल हैं। मॉनसून के मौसम में कई अन्य इलाके भी बाढ़ के खतरे की जद में रहते हैं, जैसे सुरजानी टाउन, सफूरा गोठ, गुलिस्तान-ए-जौहर, कोरंगी, लियारी और सदर।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के अनुसार, KMC अधिकारियों ने बताया कि नालियों की सफाई का सालाना अभियान 29 जून को शुरू हुआ और सितंबर के अंत तक जारी रहेगा। नगर निकाय 45 बड़े स्टॉर्मवॉटर ड्रेन (तूफानी पानी की निकासी वाली नालियों) की सफाई कर रहा है, जबकि शहर के प्रशासन की ज़िम्मेदारी 512 छोटी नालियों की है। अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून की भारी बारिश से पहले मुख्य रुकावट वाली जगहों को साफ करने की कोशिशें चल रही हैं।





