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निकारागुआ: ओर्टेगा के हाथों में चौथी बार देश की कमान, शपथ समारोह में चीन-उत्तर कोरिया के प्रतिनिधि होंगे शामिल

Renuka Sahu
10 Jan 2022 6:37 AM GMT
निकारागुआ: ओर्टेगा के हाथों में चौथी बार देश की कमान, शपथ समारोह में चीन-उत्तर कोरिया के प्रतिनिधि होंगे शामिल
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फाइल फोटो

सेंट्रल अमेरिकी देश निकारागुआ में विवादास्पद चुनावों के बाद राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले देश की नई संसद के सदस्यों ने रविवार को पदभार ग्रहण कर लिया.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सेंट्रल अमेरिकी देश निकारागुआ में विवादास्पद चुनावों के बाद राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा (Daniel Ortega) के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले देश की नई संसद के सदस्यों ने रविवार को पदभार ग्रहण कर लिया. शपथ लेने वाले 90 सांसदों में से 75 ओर्टेगा की सैंडिनिस्टा पार्टी के सदस्य और अन्य 15 उन छोटे दलों से नाता रखते हैं, जिन्हें सरकार का सहयोगी माना जाता है. सैंडिनिस्टा के वरिष्ठ नेता और सांसद गुस्तावो पोरस को सांसदों ने एकसदनीय संसद के नेता के रूप में चुना है.

सांसदों के लिए सात नवंबर को चुनाव हुआ था, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई थी. चुनाव में ओर्टेगा को लगातार चौथी बार शासन करने के लिए चुना गया (Nicaragua Elections Results). चुनाव को व्यापक रूप से एक तमाशा करार दिया गया और इसकी आलोचना की गई थी, क्योंकि ओर्टेगा को चुनौती देने वाले सात संभावित उम्मीदवारों को गिरफ्तार कर लिया गया था और मतदान से कुछ महीने पहले ही उन्हें जेल भेज दिया गया. निकारागुआ की सरकार ने नवंबर में घोषणा की थी कि वह 'ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स' (ओएएस) से खुद को अलग करेगी.
सरकार पर चुनाव में धांधली का आरोप
ओएएस एक क्षेत्रीय निकाय है, जिसने ओर्टेगा की सरकार पर दमन और चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. ओएएस महासभा ने चुनाव की निंदा की थी और कहा था, 'यह स्वतंत्र, निष्पक्ष या पारदर्शी चुनाव नहीं थे और इसमें लोकतांत्रिक वैधता का अभाव था.' ओएएस के सदस्य देशों में से 25 ने इस निंदा प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया था, जबकि मेक्सिको सहित सात देश अनुपस्थित थे (Nicaragua and Elections). केवल निकारागुआ ने ही इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया था. वहीं ओर्टेगा के शपथ ग्रहण समारोह में चीन, उत्तर कोरिया, ईरान, रूस और सीरिया के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं. चीन और उत्तर कोरिया में भी तानाशाही है.



करीब आए चीन और निकारागुआ
चीन और निकारागुआ हाल ही में एक दूसरे के अधिक करीब आए हैं. चीन ने साल 1990 के बाद से पहली बार निकारागुआ में अपना दूतावास खोला है. क्योंकि राष्ट्रपति डेनियल ओर्टेगा की सरकार ने ताइवान से संबंध समाप्त कर दिए हैं (Nicaragua China Relations). इसी से चीन खुश हो गया. दरअसल वो ताइवान पर दावा करता है, जबकि ताइवान (China Taiwan) खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है. चीन ने इस देश को कोविड-19 की वैक्सीन मुहैया करके भी मदद की है. ओर्टेगा की सरकार ने चीन के साथ 1985 में संबंध स्थापित किए थे, लेकिन वो 1990 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हार गए. जिसके बाद नए राष्ट्रपति विलेटा कामारो की सरकार ने ताइवान को मान्यता दे दी थी.


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