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मां ने जन्मदिन पर बेटे को गिफ्ट की बंदूक, उसी से स्कूल में बरसाईं गोलियां

Kavita2
20 Oct 2026 3:53 PM IST
मां ने जन्मदिन पर बेटे को गिफ्ट की बंदूक, उसी से स्कूल में बरसाईं गोलियां
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वॉशिंगटन। अमेरिका के ओरेगन राज्य में एक प्राथमिक विद्यालय में हुई भीषण गोलीबारी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बेंड शहर स्थित सिल्वर रेल एलिमेंट्री स्कूल में तीन बच्चों और एक शिक्षिका की हत्या करने वाले 16 वर्षीय हमलावर को वारदात में इस्तेमाल की गई बंदूक उसकी मां ने ही जन्मदिन के उपहार के रूप में दी थी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हमलावर की मां शोंटाई निकरसन ने अगस्त 2026 में कानूनी तरीके से मैवरिक 88 पंप-एक्शन 12-गेज शॉटगन खरीदी थी। इसी हथियार का इस्तेमाल किशोर ने 15 अक्टूबर को स्कूल में गोलीबारी करने के लिए किया। घटना में तीन बच्चों और एक शिक्षिका की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस खुलासे के बाद अमेरिका में नाबालिगों की हथियारों तक पहुंच और बंदूक नियंत्रण कानूनों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।

मां ने जन्मदिन पर उपहार में दी थी शॉटगन

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर की पहचान 16 वर्षीय ग्रिफिन जे. जॉन द्वितीय के रूप में हुई है। उसकी मां शोंटाई निकरसन ने अगस्त 2026 में एक शॉटगन खरीदी थी।

जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह हथियार किशोर को जन्मदिन के उपहार के तौर पर दिया गया था। बंदूक की खरीद कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई थी।

इस जानकारी के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि एक नाबालिग के पास इतना घातक हथियार कैसे पहुंचा और क्या हथियार रखने तथा उसकी सुरक्षा से संबंधित नियमों का पर्याप्त पालन किया गया था।

हालांकि, हथियार उपहार में दिए जाने की जानकारी जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई है। अधिकारियों की ओर से पूरे मामले की जांच जारी है।

15 अक्टूबर को स्कूल में हुई थी भीषण गोलीबारी

यह दर्दनाक घटना गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को ओरेगन के बेंड शहर स्थित सिल्वर रेल एलिमेंट्री स्कूल में हुई थी।

पुलिस के अनुसार, स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर करीब 12:59 बजे स्कूल के आसपास गोलीबारी की सूचना मिली थी।

इसके बाद पुलिस नियंत्रण कक्ष को कई आपातकालीन फोन आए, जिनमें स्कूल में हथियारबंद व्यक्ति के घुसने की जानकारी दी गई।

हमलावर ने स्कूल के बंद दरवाजे पर गोलीबारी कर भीतर प्रवेश किया और एक कक्षा में मौजूद लोगों को निशाना बनाया।

गोलीबारी में तीन बच्चों और एक शिक्षिका की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे बेंड शहर को झकझोर दिया।

पांच, आठ और 11 साल के बच्चों की मौत

पुलिस के अनुसार, हमले में जान गंवाने वाले तीन बच्चों की उम्र पांच, आठ और 11 वर्ष थी।

मृतकों में पांच वर्षीय रोअम समर और 25 वर्षीय शिक्षिका मेगन लैम्बर्ट की पहचान सार्वजनिक की गई है।

मेगन लैम्बर्ट स्कूल में शिक्षिका थीं और विशेष जरूरतों वाले बच्चों की शिक्षा तथा देखभाल से जुड़ी हुई थीं।

इस हमले में सात वर्षीय एक अन्य बच्चा और 54 वर्षीय शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हुए थे। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मासूम बच्चों और शिक्षिका की मौत के बाद उनके परिवारों के साथ पूरे समुदाय में शोक का माहौल है।

स्कूल का पूर्व छात्र था हमलावर

जांच में सामने आया है कि हमलावर ग्रिफिन जे. जॉन द्वितीय पहले इसी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ चुका था।

वह स्कूल में विशेष शैक्षणिक सहायता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में शामिल रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि किशोर ने अपने पुराने विद्यालय को ही निशाना क्यों बनाया।

इसके अलावा हमले से पहले उसकी गतिविधियों और हथियार तक पहुंच से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हमले की मंशा को लेकर जांच पूरी होने से पहले कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

बहादुर पिता और शिक्षिका ने रोका हमलावर

घटना के दौरान स्कूल में मौजूद एक शिक्षिका ने हमलावर को रोकने का साहसिक प्रयास किया।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की जानकारी के अनुसार, शिक्षिका ने हमलावर को काबू करने की कोशिश की। इसी बीच स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के एक अभिभावक केलब जियामांको भी घटनास्थल पर पहुंचे।

उन्होंने हथियारबंद किशोर को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया और गोली चलाकर उसे मार गिराया।

पुलिस ने हमलावर को रोकने के लिए आगे आने वाले लोगों के साहस की सराहना की है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि समय रहते किए गए हस्तक्षेप से और अधिक लोगों की जान जाने से बच सकी।

बंदूक नियंत्रण कानूनों पर फिर छिड़ी बहस

इस घटना के बाद अमेरिका में बंदूक नियंत्रण कानूनों और नाबालिगों को हथियार उपलब्ध कराने के मुद्दे पर नई बहस शुरू हो गई है।

ओरेगन में नाबालिगों के पास कुछ प्रकार के हथियार रखने के संबंध में कानूनी प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन इनमें अभिभावकों की सहमति और अन्य शर्तें महत्वपूर्ण होती हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हथियार खरीदने से लेकर किशोर के पास पहुंचने तक सभी कानूनी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

इस घटना ने परिवारों में हथियारों को सुरक्षित रखने और बच्चों की पहुंच से दूर रखने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।

पीड़ित परिवारों ने जवाबदेही की मांग की

गोलीबारी में मारे गए पांच वर्षीय रोअम समर के माता-पिता ने घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए वकीलों की मदद ली है।

परिवार यह जानना चाहता है कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी थी और हमलावर हथियार लेकर विद्यालय में कैसे प्रवेश कर सका।

इसके अलावा परिवार हथियार की खरीद तथा किशोर तक उसकी पहुंच के संबंध में भी जवाबदेही चाहता है।

स्कूल प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है।

एफबीआई भी कर रही मामले की जांच

इस घटना की जांच में स्थानीय पुलिस के साथ संघीय जांच एजेंसी एफबीआई भी सहयोग कर रही है।

एफबीआई ने घटना से जुड़ी जानकारी, तस्वीरों और वीडियो उपलब्ध कराने के लिए लोगों से अपील की है।

जांच एजेंसियां हमले की परिस्थितियों, हथियार के स्रोत और अन्य संभावित साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं।

ओरेगन के इस स्कूल में हुई गोलीबारी ने एक बार फिर अमेरिकी समाज को गहरे सदमे में डाल दिया है। तीन मासूम बच्चों और एक शिक्षिका की मौत ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों के जिम्मेदाराना उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

फिलहाल अधिकारियों की जांच जारी है और हमले की वास्तविक वजह सामने आना बाकी है।

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