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G7 में मोदी-ट्रंप की मुलाकात, भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच हाथ मिलाया

Gulabi Jagat
16 Jun 2026 7:57 PM IST
G7 में मोदी-ट्रंप की मुलाकात, भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच हाथ मिलाया
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Paris पेरिस। फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत भी की। यह मुलाकात लगभग 16 महीने बाद हुई है, जब दोनों नेता आखिरी बार फरवरी 2025 में वॉशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मिले थे।

इस मुलाकात को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के संबंधों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि दोनों नेताओं की इस मुलाकात को औपचारिक बातचीत के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन वैश्विक मंच पर यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।


पिछली मुलाकात और पृष्ठभूमि

जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की पिछली मुलाकात फरवरी 2025 में हुई थी, जब ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में दूसरी बार शपथ ली थी। उस समय दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, रक्षा सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई थी। हालांकि, इसके बाद से भारत और अमेरिका के संबंधों में कई मुद्दों पर तनाव देखने को मिला है। खासकर हाल के घटनाक्रमों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक असहमति को बढ़ाया है।

भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के कारण

पिछले कुछ महीनों में भारत और अमेरिका के संबंधों में गिरावट के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ओमान के पास अमेरिकी नौसेना के कुछ अभियानों के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।भारत ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया और मामले को गंभीरता से उठाया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ इस मुद्दे पर बातचीत की और भारत की चिंता से अवगत कराया। हालांकि, इस बातचीत के बावजूद दोनों देशों के बीच विश्वास का माहौल कमजोर हुआ। भारत ने इस घटना को लेकर जवाबदेही की मांग की, जबकि अमेरिकी पक्ष ने अपने सैन्य प्रोटोकॉल का हवाला दिया।

अमेरिका की प्रतिक्रिया और विवाद

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में अमेरिका की ओर से भारत को यह संकेत भी दिया गया कि अमेरिकी नौसेना के आदेशों का पालन किया जाना चाहिए। इस बयान को भारत में गंभीरता से लिया गया और इसे द्विपक्षीय संबंधों में असहजता का कारण माना गया।

भारत की ओर से इसे एक संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कूटनीतिक स्तर पर समाधान की बात कही गई, लेकिन तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।

G7 सम्मेलन में मुलाकात का महत्व

इसी पृष्ठभूमि में पेरिस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों नेताओं का हाथ मिलाना और बातचीत करना यह संकेत देता है कि संबंधों को सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं।

हालांकि इस मुलाकात में किसी औपचारिक समझौते या बड़े घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक विशेषज्ञ इसे एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका

भारत पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरा है। जी7 जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी इसे और मजबूत करती है। प्रधानमंत्री मोदी लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि भारत वैश्विक स्थिरता, शांति और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है। इस मुलाकात को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां भारत अपनी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका के साथ संबंधों का भविष्य

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के संबंधों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत बनी हुई है। रक्षा, व्यापार, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार जारी है।हालांकि हाल के विवादों ने संबंधों में कुछ दूरी पैदा की है, लेकिन G7 जैसे मंच पर नेताओं की मुलाकात यह संकेत देती है कि संवाद की प्रक्रिया जारी है।

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