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नेपाल की तबाही में चमत्कार, मलबे से जिंदा निकली 6 साल की मनीषा

Gulabi Jagat
30 Aug 2026 7:19 PM IST
नेपाल की तबाही में चमत्कार, मलबे से जिंदा निकली 6 साल की मनीषा
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काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बीच रसुवा जिले से उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। स्याब्रुबेसी इलाके में करीब दो दिनों तक मिट्टी और मलबे के नीचे दबी पांच साल की बच्ची मनीषा को बचाव दल ने जिंदा बाहर निकाल लिया। बच्ची के जीवित मिलने से राहत और बचाव अभियान में जुटे लोगों में भी खुशी की लहर दौड़ गई।

मलबे के नीचे से सुनाई दी आवाज

बाढ़ और भूस्खलन के बाद स्याब्रुबेसी इलाके में बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहा था। इसी दौरान बचावकर्मियों को मलबे के नीचे से हल्की आवाज सुनाई दी। शुरुआत में टीम को लगा कि शायद कोई बिल्ली या छोटा जानवर मलबे में फंसा हुआ है।

आवाज लगातार आने के बाद बचाव दल ने सावधानी से उस स्थान से मिट्टी, पत्थर और अन्य मलबा हटाना शुरू किया। जैसे-जैसे मलबा हटाया गया, बचावकर्मियों को वहां एक छोटी बच्ची दिखाई दी। उसकी पहचान पांच वर्षीय मनीषा के रूप में हुई।

दो दिनों तक मलबे में फंसी रही बच्ची

मनीषा करीब दो दिनों तक मलबे के नीचे फंसी रही। इतने लंबे समय तक मिट्टी और मलबे के बीच रहने के बावजूद उसका जीवित मिलना राहत दल के लिए बड़ी सफलता रही। शुक्रवार को बचावकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।

बच्ची के रेस्क्यू की खबर ऐसे समय सामने आई है जब नेपाल के कई प्रभावित इलाकों में बचाव दल लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई जगह सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और बड़ी मात्रा में मलबा जमा होने से राहत अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।

बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में मकान, सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा प्रभावित हुआ है। आपदा के बाद राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

स्याब्रुबेसी भी आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां मलबे में दबे लोगों की तलाश लगातार की जा रही है। ऐसे हालात में पांच वर्षीय मनीषा का जीवित मिलना बचावकर्मियों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

तबाही के बीच उम्मीद बनी मनीषा

चारों तरफ तबाही और मलबे के बीच मनीषा के बचाव की घटना लोगों के लिए उम्मीद की कहानी बन गई है। मलबे के नीचे से आने वाली हल्की आवाज पर बचावकर्मियों की सतर्कता ने बच्ची तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।

आपदा प्रभावित इलाकों में राहत अभियान जारी है और बचाव टीमें मलबे में फंसे तथा लापता लोगों की तलाश कर रही हैं।

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