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फ्लाईदुबई केस में बड़ा खुलासा, UAE में दो गिरफ्तार

Rajeshwari Nishad
13 Oct 2026 5:49 PM IST
फ्लाईदुबई केस में बड़ा खुलासा, UAE में दो गिरफ्तार
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नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मालदीव के दो पायलटों को हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों का संबंध उस ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी से था, जिस पर उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन पर हमला करने और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश करने का आरोप है। घटना के तीन दिन बाद दोनों मालदीवी पायलटों को हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई के बाद विमान में हुई घटना की जांच का दायरा बढ़ गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मालदीव के दोनों पायलटों को 3 अक्टूबर 2026 को संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में लिया गया था। मालदीव के समाचार पोर्टल अधाधु के हवाले से सामने आई जानकारी में बताया गया है कि दोनों पायलटों का हमले के मुख्य आरोपित हमाम अल-हम्मामी से कथित संबंध था। हालांकि, दोनों ने हमले की साजिश में कोई भूमिका निभाई थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुआ था हमला
यह पूरा मामला 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई गंभीर घटना से जुड़ा है। विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने का आरोप लगा।
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, को-पायलट ने विमान के कॉकपिट में मौजूद आपातकालीन कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया था। इस दौरान कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान की सुरक्षा खतरे में पड़ गई।हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा था। हालांकि, घायल कैप्टन ने साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे क्रू सदस्य और अन्य लोग अंदर पहुंच सके।
इसके बाद हमलावर को-पायलट को काबू में किया गया। विमान में मौजूद दो अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा।
घटना के तीन दिन बाद दो मालदीवी पायलट हिरासत में
फ्लाईदुबई की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हमले के आरोपित को-पायलट के संपर्कों और पिछली गतिविधियों की जांच शुरू की।इसी जांच के बीच 3 अक्टूबर को संयुक्त अरब अमीरात में मालदीव के दो पायलटों को हिरासत में लिया गया।बताया गया है कि दोनों पायलट हमाम अल-हम्मामी के परिचित थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उनका आरोपित के साथ किस प्रकार का संबंध था।
हालांकि, दोनों पायलटों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उनकी गिरफ्तारी की औपचारिक कानूनी स्थिति, उनके खिलाफ दर्ज संभावित आरोपों और पूछताछ से संबंधित विस्तृत जानकारी भी सामने नहीं आई है।
हमाम अल-हम्मामी से क्या था संबंध?
जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू हिरासत में लिए गए दोनों मालदीवी पायलटों और हमाम अल-हम्मामी के बीच कथित संबंध है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों मालदीवी पायलट हमाम अल-हम्मामी के करीबी संपर्क में थे। इसी आधार पर जांच एजेंसियां उनकी संभावित जानकारी और भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति का आरोपित से परिचित होना अपने आप में अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि दोनों पायलटों को हमले की योजना की पहले से जानकारी थी या वे किसी साजिश में शामिल थे।
भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर ने दिखाई बहादुरी
फ्लाईदुबई की घटना में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया। इससे विमान में मौजूद अन्य लोगों को को-पायलट तक पहुंचने और उसे काबू करने में मदद मिली।
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छर का इलाज अबू धाबी में किया गया। अस्पताल में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान घटना के बारे में जानकारी साझा की थी।उन्होंने बताया था कि घायल होने के दौरान विमान तेजी से नीचे जा रहा था। ऐसी स्थिति में उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलना जरूरी समझा।कैप्टन के इस कदम और क्रू सदस्यों के सहयोग से विमान को सुरक्षित उतारना संभव हो सका।
ओमानी को-पायलट की पृष्ठभूमि भी जांच के घेरे में
हमले के मुख्य आरोपित हमाम अल-हम्मामी की पिछली गतिविधियों को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई हैं।रिपोर्ट के अनुसार, हमाम अल-हम्मामी ओमान का नागरिक है और उसने अलग-अलग देशों में विमानन प्रशिक्षण प्राप्त किया था।उसके बारे में यह भी दावा किया गया है कि ओमान में पहले उसकी कथित कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई गई थीं।
इसके बावजूद उसे बाद में फ्लाईदुबई में नौकरी कैसे मिली, यह सवाल भी जांच के केंद्र में है।जांच एजेंसियां उसकी पिछली नौकरी, प्रशिक्षण और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। हालांकि, उससे जुड़े सभी आरोपों का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
भारत की एनआईए ने भी शुरू की जांच
भारतीय कैप्टन पर हमले और विमान के कथित अपहरण के प्रयास को लेकर भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी मामला दर्ज किया है।रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए ने विमान अपहरण निरोधक कानून और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।इस जांच का उद्देश्य घटना की पूरी परिस्थितियों, हमले के पीछे संभावित उद्देश्य और इससे जुड़े तथ्यों का पता लगाना है।
विमान सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
फ्लाईदुबई की घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। आमतौर पर विमानों में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए सख्त प्रक्रियाएं लागू होती हैं।
लेकिन इस मामले में विमान के भीतर ही एक को-पायलट पर कैप्टन पर हमला करने का आरोप लगा है।इससे विमानन कंपनियों में कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच, प्रशिक्षण और कॉकपिट सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।घटना के बाद जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि हमले से पहले कोई चेतावनी संकेत मौजूद थे या नहीं।
दोनों पायलटों की भूमिका पर जांच जारी
मालदीव के दो पायलटों को हिरासत में लिए जाने के बाद फ्लाईदुबई मामले में जांच का दायरा और बढ़ गया है।अब जांच का महत्वपूर्ण विषय यह है कि दोनों का हमाम अल-हम्मामी से वास्तविक संबंध क्या था और क्या उन्हें 30 सितंबर की घटना के बारे में कोई पूर्व जानकारी थी।
फिलहाल दोनों मालदीवी पायलटों के खिलाफ किसी आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप सिद्ध नहीं हुआ है।इस मामले में आगे की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि भारतीय कैप्टन पर हुआ हमला केवल एक व्यक्ति की कार्रवाई थी या इसके पीछे अन्य लोगों की भी भूमिका थी।
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