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चुनाव आयोग पर घमासान पीयूष गोयल का कांग्रेस पर बड़ा हमला

Ratna Netam
13 Oct 2026 4:47 PM IST
चुनाव आयोग पर घमासान पीयूष गोयल का कांग्रेस पर बड़ा हमला
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नई दिल्ली। देश में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों को राजनीतिक लाभ पहुंचाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिए, मंत्री बनाया और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर नियुक्त किया। गोयल ने इन नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस आज चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है, लेकिन उसे अपने शासनकाल के फैसलों पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों को राजनीतिक पद देकर संस्थान की निष्पक्षता को प्रभावित किया।केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने चुनाव आयोग को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने चुनाव आयोग के अधिकारियों को राजनीतिक लाभ पहुंचाने का प्रयास नहीं किया है।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्तियों पर सवाल
पीयूष गोयल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों से जुड़े कई उदाहरण पेश किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाया, जबकि दूसरे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान दिया।उन्होंने यह भी दावा किया कि दो पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल बनाया गया था। गोयल ने इन नियुक्तियों को चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने वाला बताया।हालांकि, पूर्व चुनाव अधिकारियों की राजनीतिक नियुक्तियां ऐतिहासिक घटनाएं हैं, लेकिन उन्हें पद देकर अनुचित तरीके से पुरस्कृत किए जाने का दावा गोयल का राजनीतिक आरोप है। इससे अपने आप किसी अवैध लेनदेन या पक्षपात की पुष्टि नहीं होती।
एमएस गिल और टीएन शेषन का किया जिक्र
पीयूष गोयल ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एमएस गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पद पर रहते हुए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। बाद में वह कांग्रेस से जुड़े और केंद्रीय मंत्री बने।उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का भी उल्लेख किया। शेषन ने वर्ष 1999 में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा था।गोयल ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त आरके त्रिवेदी के राज्यपाल बनने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने नवीन चावला की नियुक्ति से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कांग्रेस के फैसलों पर सवाल उठाए।केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के अनुसार चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों को महत्वपूर्ण पद दिए।
राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार
पीयूष गोयल का बयान ऐसे समय आया है, जब राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की है।विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बदलाव से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।दिल्ली में इन मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों ने विरोध मार्च और प्रदर्शन भी किए हैं।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी बोले
पीयूष गोयल ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले चुनाव आयोग के अधिकारियों की नियुक्तियां सरकार के स्तर पर होती थीं।गोयल के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था में प्रधानमंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता भी चयन प्रक्रिया में शामिल होते हैं।वर्तमान कानून के तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं।गोयल ने दावा किया कि एनडीए सरकार चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता के प्रति प्रतिबद्ध है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर राजनीतिक विवाद
चुनाव आयोग को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी विवाद अब पुराने नियुक्ति मामलों तक पहुंच गया है। जहां कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची की प्रक्रिया तथा आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं भाजपा ने कांग्रेस के शासनकाल में हुई नियुक्तियों को लेकर जवाब मांगा है।पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने पिछले फैसलों की समीक्षा करनी चाहिए।इस विवाद में चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता और राजनीतिक दलों की जवाबदेही प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। फिलहाल गोयल के आरोपों और विपक्ष की आपत्तियों के बीच चुनाव आयोग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
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