
काठमांडू: नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बाद अब अनियोजित बसावट और नदियों के किनारे लगातार बढ़ते निर्माण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आपदा ने एक बार फिर दिखाया है कि प्राकृतिक जलमार्गों के बेहद करीब मकान, होटल, सड़क और दूसरी संरचनाएं खड़ी करना कितना खतरनाक हो सकता है। इस तबाही के बाद नेपाल में नदियों के किनारे होने वाले निर्माण को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट नियम तैयार करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। हाल की आपदा में कई ऐसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए जहां नदी के किनारे घनी आबादी और निर्माण बढ़ चुका था। अचानक बढ़े जलस्तर और मलबे के तेज बहाव ने कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचाया। इससे यह बहस तेज हो गई है कि पहाड़ी क्षेत्रों में विकास और निर्माण की योजनाएं बनाते समय प्राकृतिक जोखिमों को पर्याप्त महत्व दिया गया या नहीं।





