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जयशंकर ने बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त से की विदाई मुलाकात

Ratna Netam
4 Oct 2026 3:39 PM IST
जयशंकर ने बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त से की विदाई मुलाकात
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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को नई दिल्ली में भारत में बांग्लादेश के निवर्तमान उच्चायुक्त रियाज़ हमीदुल्लाह से मुलाकात की। यह मुलाकात उनके कार्यकाल के समापन के अवसर पर हुई। इस दौरान विदेश मंत्री ने भारत में उच्चायुक्त के रूप में हमीदुल्लाह के योगदान की सराहना की और भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर मुलाकात की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, “बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज़ हमीदुल्लाह से विदाई मुलाकात करके खुशी हुई। उनके योगदान की सराहना करता हूं और भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।”
रियाज़ हमीदुल्लाह ने पिछले साल अप्रैल में भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वे बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के रूप में काम कर चुके थे। विदेश नीति और कूटनीति के क्षेत्र में लंबे अनुभव के साथ उन्होंने नई दिल्ली में अपना कार्यभार संभाला था।भारत और बांग्लादेश के संबंध दक्षिण एशिया की कूटनीति में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। दोनों देश लंबी सीमा साझा करते हैं और उनके बीच व्यापार, संपर्क, ऊर्जा, सुरक्षा तथा जल संसाधन जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग की आवश्यकता रहती है। ऐसे में नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त की भूमिका दोनों देशों के बीच संवाद और कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने के लिहाज से अहम होती है।
रियाज़ हमीदुल्लाह का कार्यकाल ऐसे समय में रहा, जब भारत और बांग्लादेश के संबंधों से जुड़े कई मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। बदलते क्षेत्रीय और वैश्विक हालात के बीच दोनों देशों के बीच नियमित कूटनीतिक संपर्क बनाए रखना महत्वपूर्ण रहा। उच्चायुक्त के तौर पर हमीदुल्लाह ने बांग्लादेश सरकार और भारतीय नेतृत्व के बीच संवाद की प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाई।भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते भी लंबे समय से मौजूद हैं। बंगाल की साझा सांस्कृतिक विरासत, भाषा, साहित्य और संगीत दोनों देशों के लोगों को एक-दूसरे से जोड़ते हैं। इसके साथ ही व्यापार और सीमा पार संपर्क भी द्विपक्षीय रिश्तों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग की भी व्यापक संभावनाएं हैं। बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत के महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों में शामिल रहा है। सड़क, रेल, जलमार्ग और ऊर्जा संपर्क को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जाते रहे हैं। सीमा क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों और लोगों की आवाजाही के कारण भी दोनों देशों के बीच मजबूत संस्थागत संवाद की जरूरत बनी रहती है।सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत और बांग्लादेश का सहयोग महत्वपूर्ण माना जाता है। सीमा प्रबंधन, तस्करी की रोकथाम, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषय दोनों देशों के लिए अहम हैं। ऐसे मामलों में कूटनीतिक मिशनों और संबंधित सरकारी एजेंसियों के बीच नियमित समन्वय आवश्यक होता है।
भारत और बांग्लादेश के बीच नदियों और जल संसाधनों से जुड़े विषय भी द्विपक्षीय बातचीत का हिस्सा रहे हैं। दोनों देशों के बीच कई साझा नदियां हैं। इसलिए जल प्रबंधन और इससे जुड़े मुद्दों पर आपसी बातचीत का विशेष महत्व रहता है। इसके अलावा ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना भी दोनों देशों के रिश्तों के प्रमुख पहलुओं में शामिल है।
रियाज़ हमीदुल्लाह के राजनयिक अनुभव को देखते हुए नई दिल्ली में उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण रहा। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) के रूप में काम करने के बाद उन्हें भारत में उच्चायुक्त की जिम्मेदारी मिली थी। इससे उन्हें भारत से जुड़े कूटनीतिक मामलों और क्षेत्रीय परिस्थितियों को समझने का अनुभव पहले से था।अब उनके कार्यकाल की समाप्ति पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से आयोजित विदाई मुलाकात को दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संपर्क के रूप में देखा जा रहा है। जयशंकर ने उनके योगदान की सराहना करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
निवर्तमान उच्चायुक्त के साथ यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब दक्षिण एशिया में राजनीतिक और रणनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। भारत अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति के तहत पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और संपर्क को महत्व देता रहा है। बांग्लादेश भी भारत के लिए भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है।
रियाज़ हमीदुल्लाह की विदाई के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नए नेतृत्व के हाथों में होगी। हालांकि दोनों देशों के बीच कई विषयों पर बातचीत और सहयोग की प्रक्रिया संस्थागत स्तर पर जारी रहती है। ऐसे में आने वाले समय में भी भारत-बांग्लादेश संबंधों में व्यापार, सुरक्षा, संपर्क, ऊर्जा और लोगों के बीच रिश्तों को मजबूत करने पर ध्यान बने रहने की उम्मीद है।

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