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कर्नाटक राज्योत्सव पर इजरायल ने दी बधाई, संस्कृति की जमकर तारीफ

Ratna Netam
1 Nov 2026 4:40 PM IST
कर्नाटक राज्योत्सव पर इजरायल ने दी बधाई, संस्कृति की जमकर तारीफ
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बेंगलुरु। कर्नाटक राज्योत्सव के अवसर पर इजरायली वाणिज्य दूतावास ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोगों के अद्भुत जज्बे की सराहना की है। हर साल 1 नवंबर को मनाए जाने वाले कन्नड़ राज्योत्सव के मौके पर इजरायली वाणिज्य दूतावास का यह संदेश भारत और इजरायल के बीच सांस्कृतिक संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर पर कर्नाटक की भाषा, परंपराओं, कला और सांस्कृतिक पहचान को विशेष महत्व दिया गया।कन्नड़ राज्योत्सव कर्नाटक के लोगों के लिए गौरव और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। इस दिन राज्य के गठन की ऐतिहासिक यात्रा को याद किया जाता है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कन्नड़ भाषा से जुड़े आयोजनों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्योत्सव मनाया जाता है।इजरायली वाणिज्य दूतावास की ओर से दी गई शुभकामनाओं में कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति और यहां के लोगों की भावना की प्रशंसा की गई है। यह संदेश ऐसे अवसर पर सामने आया है, जब राज्यभर में कन्नड़ भाषा और सांस्कृतिक पहचान को लेकर उत्सव का माहौल है।
1956 में हुआ था कन्नड़ भाषी क्षेत्रों का एकीकरण
कन्नड़ राज्योत्सव का इतिहास 1 नवंबर 1956 से जुड़ा है। इसी दिन राज्यों के पुनर्गठन के तहत दक्षिण भारत के विभिन्न हिस्सों में फैले कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को एक प्रशासनिक इकाई में शामिल किया गया था। उस समय राज्य का नाम मैसूर रखा गया था। बाद में 1 नवंबर 1973 को इसका नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया।इस ऐतिहासिक घटना की याद में हर वर्ष 1 नवंबर को राज्योत्सव मनाया जाता है। वर्ष 2026 में राज्य के एकीकरण के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह अवसर कर्नाटक की ऐतिहासिक यात्रा, भाषाई एकता और सांस्कृतिक उपलब्धियों को याद करने का भी है।
भारत-इजरायल संबंधों में बेंगलुरु की अहम भूमिका
बेंगलुरु में इजरायल का महावाणिज्य दूतावास दक्षिण भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अधिकार क्षेत्र में कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी आते हैं।बेंगलुरु में इजरायल की महावाणिज्य दूत ओरली वेट्जमैन हैं। वाणिज्य दूतावास की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उसका उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच नवाचार, प्रौद्योगिकी, कृषि, शिक्षा तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है।कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु सूचना प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और अनुसंधान के प्रमुख केंद्रों में गिनी जाती है। ऐसे में इजरायल जैसे प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़े देश के लिए कर्नाटक के साथ संपर्क विशेष महत्व रखता है।राज्योत्सव जैसे अवसरों पर विदेशी राजनयिक संस्थाओं की शुभकामनाएं सांस्कृतिक संवाद का माध्यम बनती हैं। इससे स्थानीय भाषा, इतिहास और परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर मिलता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी शुभकामनाएं
कर्नाटक राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कर्नाटक को समृद्ध परंपराओं, उल्लेखनीय उपलब्धियों और अपार संभावनाओं की भूमि बताया।प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि कर्नाटक के लोगों ने सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक विनिर्माण और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उन्होंने राज्य के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है कर्नाटक
कर्नाटक की पहचान केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है। राज्य अपनी प्राचीन वास्तुकला, साहित्य, संगीत, लोककलाओं और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी प्रसिद्ध है।मैसूर की सांस्कृतिक परंपराएं, हम्पी के ऐतिहासिक स्मारक, यक्षगान जैसी लोकनाट्य परंपरा और कन्नड़ साहित्य राज्य की विविध सांस्कृतिक पहचान को दर्शाते हैं।राज्योत्सव के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कन्नड़ भाषा और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत, नृत्य और साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को राज्य के इतिहास से परिचित कराया जाता है।कर्नाटक सरकार इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को राज्योत्सव पुरस्कारों से भी सम्मानित करती है।
सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर
इजरायली वाणिज्य दूतावास की ओर से कर्नाटक की संस्कृति और लोगों के जज्बे की सराहना को सांस्कृतिक सद्भाव के संदेश के रूप में देखा जा सकता है।भारत और इजरायल के बीच संबंधों में व्यापार, कृषि, विज्ञान और तकनीक के साथ सांस्कृतिक संपर्क भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस तरह के शुभकामना संदेश दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ और सम्मान को बढ़ावा देने में सहायक हो सकते हैं।हालांकि, वाणिज्य दूतावास के राज्योत्सव संदेश का मूल आधिकारिक पोस्ट स्वतंत्र रूप से उपलब्ध स्रोतों में सत्यापित नहीं हो सका है। इसलिए संदेश के शब्दों को प्रत्यक्ष उद्धरण के बजाय उपलब्ध विवरण के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।कर्नाटक राज्योत्सव का यह अवसर राज्य के गौरवशाली अतीत और आधुनिक उपलब्धियों को एक साथ सामने लाता है। इजरायली वाणिज्य दूतावास की बधाई भी इसी सांस्कृतिक पहचान और अंतरराष्ट्रीय संपर्क के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
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