
वर्ल्ड | अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले विदेशी छात्रों के लिए चिंता बढ़ सकती है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित वापसी और उनके सख्त इमिग्रेशन फैसलों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। हाल ही में एक विदेशी छात्र ने "अगले चार साल पढ़ने के लिए मत आइए अमेरिका" लिखकर पोस्ट किया, जिसके बाद यह मुद्दा वायरल हो गया।
छात्र की पोस्ट क्यों हुई वायरल?
इस पोस्ट में दावा किया गया कि अगर ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका में पढ़ाई और वीजा नियम और सख्त हो सकते हैं। छात्र ने अपनी पोस्ट में लिखा, "जो स्टूडेंट्स अमेरिका आने की योजना बना रहे हैं, वे पहले ट्रंप की नीतियों को समझ लें। आने वाले सालों में स्थिति और कठिन हो सकती है।"
क्या ट्रंप फिर लगाएंगे कड़े नियम?
अपने पिछले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने H-1B वीजा, OPT (Optional Practical Training) और स्टूडेंट वीजा नियमों को कड़ा किया था। अगर वे फिर सत्ता में आते हैं, तो इन नीतियों को और सख्त किया जा सकता है। ट्रंप पहले ही इशारा कर चुके हैं कि वे अमेरिका में विदेशी श्रमिकों और छात्रों की संख्या को सीमित करना चाहते हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर छात्रों और विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसे "अनावश्यक डर फैलाने वाला" बताया, जबकि कई छात्रों और प्रोफेसरों ने इस पर चिंता जताई। कुछ लोगों ने कहा, "अमेरिका में पढ़ाई अभी भी एक बड़ा अवसर है, लेकिन वीजा और इमिग्रेशन नीतियों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।"
क्या होगा असर?
अगर ट्रंप फिर सत्ता में आते हैं और इमिग्रेशन नियम और कड़े होते हैं, तो इसका असर भारतीय और अन्य विदेशी छात्रों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अमेरिका में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में कमी आ सकती है और वे कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे देशों की ओर रुख कर सकते हैं।
अब क्या करें छात्र?
जो छात्र अमेरिका में पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, उन्हें अभी से नई वीजा पॉलिसी और संभावित बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। अगले कुछ महीनों में ट्रंप और बाइडेन के चुनावी वादे इस दिशा में और स्पष्टता ला सकते हैं।





