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क्या पुतिन वर्ल्ड वॉर-3 की तरफ बढ़ रहे हैं, ब्रिटेन है इस बार टारगेट

Renuka Sahu
30 April 2022 1:08 AM GMT
Is Putin moving towards World War 3, Britain is the target this time
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फाइल फोटो 

क्या व्लादिमीर पुतिन नया फ्रंट खोलने वाले हैं? क्या विक्ट्री डे से पहले WW3 कंफर्म है?

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। क्या व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) नया फ्रंट खोलने वाले हैं? क्या विक्ट्री डे से पहले WW3 कंफर्म है? पुतिन की न्यूक्लियर टेक्स्ट बुक डिकोड! रूसी मीडिया (Russia Media) की मानें तो पुतिन के पास इन सारे सवालों के जवाब मौजूद हैं. उन्होंने सारे टारगेट फिक्स कर लिए हैं. एटमी मिसाइलों को नए सिरे से रेडी करना शुरू कर दिया और शायद रूस की जनता को भी ये मैसेज देने की कोशिश है. अबकी बार आर या पार, मरेंगे या मारेंगे, किसी को नहीं बख्शेंगे इसलिए रूसी मीडिया भी लगातार एटम बम से लेकर वर्ल्ड वॉर (World War) का टेप बजाती है. मीडिया में इस बार टारगेट ब्रिटेन है. रशिया 1 पर डिबेट का हिस्सा. सिर्फ एक मिसाइल और सब खत्म. ब्रिटेन इतिहास बन जाएगा, लेकिन हम संजीदा लोग हैं और मैं संजीदगी से ही कह रहा हूं वो हमपर स्टेट टेररिज्म का आरोप लगा रहे हैं.

ब्रिटेन के पास भी एटम बम हैं. इस जंग में कोई नहीं बचेगा. जब आप सरमत से हमला करने के बारे में कहते हैं. आप जानते हैं कोई नहीं बचेगा? कोई भी नहीं, हमें क्लीन स्लेट से शुरुआत करनी होगी. 70 सेकेंड के वीडियो का ये पहला हिस्सा है जो खूब वायरल है. इसी वीडियो में आगे एक तस्वीर दिखाई गई, जिसमें रूसी इलाके से बैठे-बैठे पुतिन के दुश्मन पर सरमत मिसाइल के अटैक वाले डेस्टिनेशन मौजूद है. बार-बार ब्रिटेन का नाम लिया जा रहा था. हंस- हंसकर एटमी हमले की बातें हो रही थीं. आखिर क्या है जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस के लिए पुतिन का टारगेट 200? एक साथ कितने फ्रंट पर लड़ सकते हैं पुतिन? इस मिसाइल को इंटरसेप्ट नहीं किया जा सकता. उनकी क्षमताएं सीमित हैं. वो कहते हैं कि हम इसे गिरा देंगे, हम देखेंगे.
अभी कैलिनिनग्राद में नहीं है सरमत मिसाइल
सरमत मिसाइल अभी कैलिनिनग्राद में नहीं है. कैलिनिनग्राद से बर्लिन 106 सेकेंड, कैलिनिनग्राद से पैरिस 200 सेकेंड. आप लंदन के बारे में जानना चाहते हैं तो 202 सेकेंड में लंदन. अब उन्हें सोचने दीजिए 200 सेकेंड तक गिनिए, इस तरह उनसे बात की जाती है. अब इस बयान में कई नए सवाल खड़े हो गए. क्या रूस कैलिनिनग्राद में सरमत 2 मिसाइल लगानेवाला है? क्या रूस कैलिनिनग्राद को क्यूबा मिसाइल क्राइसिस की तरह दर्शाना चाहता है? कैलिनिनग्राद में विश्व विनाशक मिसाइल कब तैनात होगी?
सवाल बहुत हैं, लेकिन जवाब पुतिन जानते हैं या फिर उनके करीबी कमांडर. हालांकि सरमत के बारे में कहा जा रहा है कि उसकी पहली यूनिट नवंबर तक तैयार होगी. लेकिन 18 हजार किलोमीटर तक मार करनेवाली सरमत के नाम पर दुनिया को डराने का रूसी ट्रेंड नया नहीं है. रूस की सरकारी मीडिया लगातार ऐसे वीडियो रिलीज कर रही है. 15 अप्रैल से लेकर अभी तक कम से कम चार बार एटमी हमले से लेकर वर्ल्ड वॉर की धमकी टीवी पर सरेआम दी जा चुकी है. ये तक कह दिया गया कि कोई नहीं बचेगा, सबको एक दिन जाना है.
क्या वाकई वर्ल्ड वॉर की तरफ बढ़ रहे हैं पुतिन
जाहिर है कई बार ऐसे वीडियो प्रोपेगेंडा के तहत भी फ्लोट किए जाते हैं. लेकिन यही बात पुतिन की आर्मी के बारे में भी कही गई थी जब उसने यूक्रेन को घेर लिया था. बाद में हमला भी कर लिया इसलिए WW3 और सरमत के नाम पर वेस्टर्न वर्ल्ड को धमकाया जा रहा है या मॉस्को का माइंड गेम है. इसका जवाब पुतिन के पास है. अब सवाल है क्या वाकई पुतिन वर्ल्ड वॉर की तरफ बढ़ रहे हैं. क्या रूस और यूरोपियन कंट्रीज के बीच सीधी जंग छिड़ सकती है और फिर ये टकराव अमेरिका और रूस के बीच भी होगा. इसे समझने के लिए कुछ फैक्ट्स आपको बताते हैं.
15 फरवरी को जर्मन चांसलर OLAF SCHOLZ ने पुतिन से मॉस्को में मीटिंग की. यूक्रेन सिचुएशन पर समझाने की, उन्हें Pacify करने की कोशिश की. लेकिन 24 फरवरी को पुतिन ने यूक्रेन में सेना भेज दी और स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर दिए. दुनिया ने ऐलान किया कि अब यूक्रेन की मदद करेंगे. पोलैंड सबसे पहला देश था जहां से यूक्रेन की तरफ आर्म्ड एंड एम्युनिशन की सप्लाई शुरू हुई. लेकिन 13 मार्च को पोलैंड बॉर्डर के पास रूस ने मिसाइल अटैक किया. इसमें कई लोगों की मौत हो गई यानी NATO देशों को मैसेज क्लीयर था.
कुछ दिन पहले ब्रिटेन के प्राइम मिनिस्टर बोरिस जॉनसन और फिर बाद में अमेरिका के डिफेंस और स्टेट सेक्रेटरी ने कीव विजिट किया और दोस्ती निभाने की बात की तो रूस ने उस रेलवे ट्रैक को ही टारगेट किया. पोलैंड बॉर्डर से 111 किलोमीटर दूर पांच रेलवे स्टेशन पर हमले किए, जहां से ये नेता कीव की तरफ आए थे. अगला उदाहरण भी पुतिन के माइंडसेट को डिकोड करता है. दो दिन पहले ही एंटोनियो गुटेरेस मॉस्को में पुतिन से मिले. पुतिन ने उनके सामने ही UN को बेकार करार दे दिया. फिर उनके जाने के बाद दुनिया को मैसेज भी दे दिया कि रूस भालू है. रूस के पास ऐसे हथियार हैं जो दुनिया ने कभी नहीं देखे होंगे, यानी एक तरह से फिर एटमी हमले की धमकी. इसका मतलब साफ है कि पुतिन जंग को खींचने का प्लान बना चुके हैं. वो किसी की नहीं सुनेंगे, वही करेंगे जो उन्हें ठीक लगेगा. फिर चाहे दुनिया को इसके लिए भारी कीमत ही क्यों ना चुकानी पड़े.
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