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US-इजरायल हमले के बाद भी ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार, खतरा जारी: रिपोर्ट

Gulabi Jagat
22 July 2026 5:16 PM IST
US-इजरायल हमले के बाद भी ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार, खतरा जारी: रिपोर्ट
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Washington DC: 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर पर हफ़्तों तक चले अमेरिकी और इज़राइली हमलों के बावजूद, ईरान के पास अभी भी बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन मौजूद हैं। हाल के हमलों से पता चलता है कि तेहरान ने अपने हथियार प्रोग्राम के कुछ हिस्सों को फिर से तैयार कर लिया है और वह अमेरिकी सेना और क्षेत्रीय सहयोगियों के लिए खतरा बना हुआ है।

मिलिट्री एनालिस्ट्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि जॉर्डन में मुवाफ़्फ़क साल्टी एयर बेस पर ईरान के हालिया हमले में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। यह हमला संभवतः तेहरान के सबसे एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम में से एक, 'खैबर शेकन' मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल करके किया गया था।

यह मिसाइल सिस्टम उन हथियारों में से एक था जिन्हें अंडरग्राउंड ठिकानों में रखा गया था और जिन्हें इस साल की शुरुआत में अमेरिकी और इज़राइली हवाई हमलों के दौरान निशाना बनाया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, मार्च और अप्रैल में इन अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों पर लगातार बमबारी के बावजूद, ईरान ने कुछ सुरंगों के प्रवेश द्वार फिर से खोल दिए हैं, एक्सेस रोड को ठीक कर लिया है और कुछ जगहों से मिसाइल ऑपरेशन फिर से शुरू कर दिए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये घटनाक्रम अमेरिका के सामने बनी हुई चुनौती को उजागर करते हैं। अमेरिका ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन चला रहा है, जबकि तेहरान जवाबी हमले करता रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान में मिलिट्री ठिकानों पर हमले किए।

WSJ की रिपोर्ट में बताया गया है कि जॉर्डन पर हुआ हमला पांच दिनों के भीतर देश में अमेरिकी सेना पर चौथा हमला था। इससे पता चलता है कि ईरान का मिसाइल भंडार खत्म नहीं हुआ है और हो सकता है कि उसने अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को भेदने की अपनी क्षमता में सुधार किया हो।

'फ़ाउंडेशन फ़ॉर डिफ़ेंस ऑफ़ डेमोक्रेसीज़' में ईरान प्रोग्राम के सीनियर डायरेक्टर बेहनाम बेन तालेब्लू ने WSJ को बताया, "अरब दुनिया के खिलाफ ईरान की धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली 'स्कॉर्च्ड-अर्थ' पॉलिसी (दुश्मन के इलाके को पूरी तरह तबाह करने की नीति) का मकसद अमेरिका को इस क्षेत्र से पीछे हटने के लिए मजबूर करना है, न कि उसे और ज़्यादा उलझाना।"

रिपोर्ट में अमेरिका के शुरुआती अनुमानों और युद्धक्षेत्र की मौजूदा स्थिति के बीच अंतर को भी उजागर किया गया है।

अप्रैल में, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम "पूरी तरह से नष्ट" हो गया है, और लॉन्चर व मिसाइलें "खत्म और बेकार हो चुकी हैं और लगभग पूरी तरह से बेअसर हैं।"

हालांकि, आज सीनेट एप्रोप्रिएशन्स कमेटी की सुनवाई के दौरान, हेगसेथ ने माना कि अमेरिका को कभी उम्मीद नहीं थी कि ईरान अपनी पूरी हमला करने की क्षमता खो देगा। हेगसेथ ने कहा, "हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि उनकी गोलीबारी करने की क्षमता खत्म हो जाएगी। सवाल यह है कि अमेरिका जैसे दुश्मन के खिलाफ वे किस स्तर पर मुकाबला कर सकते हैं।"

रिपोर्ट में 'खेबर शेकन' मिसाइल को ईरान के सबसे ताकतवर सिस्टम में से एक बताया गया है। 2022 में पेश की गई इस सॉलिड-फ्यूल मिसाइल की रेंज कम से कम 900 मील बताई जाती है और इसमें सैटेलाइट गाइडेंस सिस्टम लगा है। ईरान का दावा है कि इस मिसाइल में एयर डिफेंस सिस्टम से बचने के लिए खास तौर पर डिज़ाइन किया गया 'मैन्युवरेबल री-एंट्री वॉरहेड' लगा है।

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