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अमेरिका के शुल्क ऐलान पर ईरान सख्त, बोला- फैसला हमारा होगा

Ratna Netam
14 July 2026 5:15 PM IST
अमेरिका के शुल्क ऐलान पर ईरान सख्त, बोला- फैसला हमारा होगा
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Washington वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज स्ट्रेट का "गार्डियन" बनने और इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा के बाद ईरान ने प्रतिक्रिया दी है। ईरान ने कहा है कि सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले को मुआवजा मिलना चाहिए, लेकिन 20 प्रतिशत शुल्क बहुत अधिक है। साथ ही ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट का वास्तविक "गार्डियन" वह खुद है और आगे भी रहेगा।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यह बात सही है कि किसी भी वाणिज्यिक जहाज को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने वाले देश को उसकी सेवा के लिए भुगतान मिलना चाहिए। हालांकि उन्होंने ट्रंप के 20 प्रतिशत शुल्क के प्रस्ताव को अनुचित और बहुत अधिक बताया।

अराघची ने लिखा कि ईरान लंबे समय से होर्मुज स्ट्रेट का रक्षक रहा है और भविष्य में भी अपनी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले में निष्पक्ष रवैया अपनाएगा, लेकिन प्रस्तावित शुल्क की दर काफी ज्यादा है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि अमेरिका अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का "गार्डियन ऑफ द होर्मुज स्ट्रेट" के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए यहां से गुजरने वाले प्रत्येक कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के साथ या उसके बिना भी खुला रहेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका उस व्यवस्था को फिर से लागू कर रहा है, जिसे उन्होंने "ईरानी नाकाबंदी" बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, सभी देशों के जहाजों को इस समुद्री मार्ग से निर्बाध आवाजाही की अनुमति होगी, लेकिन ईरान और उसके सहयोगी देशों से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लागू रहेंगे। ट्रंप ने कहा कि यह कदम समुद्री मार्ग की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारु बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पहले भी तनाव सामने आता रहा है। ईरान कई बार इस समुद्री मार्ग पर अपने प्रभाव और सुरक्षा भूमिका का दावा करता रहा है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला रखने की बात करता है।

ट्रंप की घोषणा और ईरान की प्रतिक्रिया के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अब नजर इस बात पर होगी कि इस शुल्क प्रस्ताव और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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