
अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अब जापान, फ्रांस, साउथ कोरिया और चीन जैसे देशों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए. ट्रंप का मानना है कि दूसरे देशों को भी इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. इसके साथ ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने सीजफायर की मांग की है, लेकिन वो इस पर तभी विचार करेंगे जब तेहरान इस रास्ते को रोकना बंद कर देगा. हालांकि, ईरान ने ऐसी किसी भी मांग से इनकार किया है.
डोनाल्ड ट्रंप अपने मुंह मियां मिट्ठू बने हैं. उन्होंने दावे के साथ कहा, 'अगर मैं नहीं होता... तो इजरायल नहीं होता. मिडिल-ईस्ट भी नहीं होता. आपके पास परमाणु हथियार होते. इसके बाद ट्रंप ने अपने भाषण में और अधिक जानकारी देने का वादा किया. उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल की सफलताओं पर जोर देते हुए कहा, 'आज रात, मैं सबको बताऊंगा कि मैं कितना महान हूं. मैंने कितना शानदार काम किया है.'
ट्रंप ने दावा किया है कि उनके प्रशासन ने ईरान में 'रिजीम चेंज' कर लिया है. वॉशिंगटन में ईस्टर के मौके पर एक इवेंट में ट्रंप ने कहा, 'हमने पहले शासन को पूरी तरह से हटा दिया... फिर 88 लोगों ने एक नया शासन चुनने के लिए बैठक की और जब वो मतदान कर रहे थे, हमने उन्हें हटा दिया. तो ये दूसरा शासन था और अब हम लोगों के तीसरे समूह से निपट रहे हैं, और वो बहुत कम कट्टरपंथी हैं. रिजीम चेंज संयोग से हुआ क्योंकि मुझे रिजीम चेंज का विचार कभी पसंद नहीं आया. ये बहुत मुश्किल है. ईरान ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर हमले का एक नया दौर शुरू कर दिया है. इसे 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 89वीं लहर बताया जा रहा है. ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने बताया कि ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने मिलकर भारी मिसाइलों, आत्मघाती ड्रोन्स और रॉकेटों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायली ठिकानों पर हमला किया है. ईरान का दावा है कि उसने इजरायल के इलात, तेल अवीव और बनी ब्राक जैसे इलाकों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान के मुताबिक इन हमलों में इजरायल को बड़ा नुकसान हुआ है.
IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन में एक ऐसे ठिकाने पर हमला किया जहां 80 अमेरिकी सैनिक मौजूद थे. इसके अलावा, कुवैत में एक अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें गिराई गईं, जिससे एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर तबाह हो गया, 'इस्लामिक रिपब्लिक डे' के मौके पर ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक पत्र के जरिए अमेरिका और इजरायल पर अपना पक्ष रखा. इसमें उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'बेरहम अमेरिका और यहूदी दुश्मन के लिए इंसानियत, नैतिकता या जिंदगी का कोई मोल नहीं है.'
एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने बताया कि ईरान की युद्ध को अस्थायी रूप से रोकने के लिए मध्यस्थों के जरिए अब तक कोई बातचीत नहीं हुई है. तेहरान की मांग सिर्फ कुछ समय की शांति नहीं, बल्कि एक गारंटीड सीजफायर है, जिससे इस युद्ध को हमेशा के लिए पूरी तरह खत्म किया जा सके. राष्ट्र को संबोधित करने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह यह बताने जा रहे हैं कि एक नेता के तौर पर वह कितने कुशल हैं. ट्रंप ने कहा, "आज रात 9 बजे मैं एक छोटा सा भाषण देने वाला हूं और असल में मैं सबको यह बताने जा रहा हूं कि मैं कितना महान हूं."
ईरान जंग के बीच राष्ट्र के नाम संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "ईरान के सभी बड़े नेता मारे जा चुके हैं. एक महीने से ईरान से जंग जारी है. मैंने कहा था कि मैं कभी भी परमाणु प्रोग्राम को सफल नहीं होने दूंगा. आपने देखा है कि इजरायल और हम इस काम में लगे हैं. आपने बेरुत में देखा था कि कैसे अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी."





