विश्व

Indian सिंगापुर की नौसेनाओं ने समुद्र में दिखाई ताकत

Ratna Netam
27 Oct 2026 9:51 PM IST
Indian सिंगापुर की नौसेनाओं ने समुद्र में दिखाई ताकत
x
विशाखापत्तनम : 27 अक्टूबर 2026। भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं के बीच आयोजित 33वां द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'सिम्बेक्स-2026' (SIMBEX-2026) सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में 21 से 26 अक्टूबर तक चले इस छह दिवसीय अभ्यास में दोनों देशों की नौसेनाओं ने समुद्री युद्ध कौशल, पनडुब्बी रोधी अभियानों, वायु रक्षा और सामरिक संचालन का अभ्यास किया। इस दौरान आधुनिक युद्धपोतों और पनडुब्बी ने संयुक्त प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग को बढ़ावा देना था।
विशाखापत्तनम में छह दिनों तक चला नौसैनिक अभ्यास
भारतीय नौसेना और रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (RSN) के बीच SIMBEX-2026 की शुरुआत 21 अक्टूबर को हुई थी।अभ्यास का उद्घाटन समारोह भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि और आईएनएस कमोर्ता पर आयोजित किया गया।इस अवसर पर भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान के चीफ स्टाफ ऑफिसर (ऑपरेशंस) रियर एडमिरल मनोज के. झा और सिंगापुर नौसेना के फ्लीट कमांडर कर्नल बर्ट्रम आंग सहित दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।अभ्यास को दो चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में बंदरगाह पर पेशेवर गतिविधियां हुईं, जबकि दूसरे चरण में बंगाल की खाड़ी में संयुक्त समुद्री युद्धाभ्यास किया गया।
INS नीलगिरि और INS कमोर्ता सहित युद्धपोतों ने लिया हिस्सा
इस वर्ष के अभ्यास में भारत और सिंगापुर की नौसेनाओं के कई महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म शामिल हुए।
भारत के प्रमुख युद्धपोत
भारतीय नौसेना की ओर से नीलगिरि श्रेणी का फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरि, कमोर्ता श्रेणी का युद्धपोत आईएनएस कमोर्ता और सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस सिंधुकीर्ति ने भाग लिया।सिंगापुर का युद्धपोत RSS Supremeसिंगापुर नौसेना ने अपने फॉर्मिडेबल श्रेणी के अत्याधुनिक फ्रिगेट आरएसएस सुप्रीम को अभ्यास में तैनात किया।इन युद्धपोतों और पनडुब्बी की भागीदारी से दोनों नौसेनाओं को वास्तविक समुद्री परिस्थितियों में संयुक्त संचालन का अनुभव प्राप्त हुआ।
पनडुब्बी रोधी और वायु रक्षा अभियानों का अभ्यास
अभ्यास का समुद्री चरण 24 से 26 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया गया।इस दौरान दोनों नौसेनाओं ने पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा, तोपों से फायरिंग और सामरिक गतिविधियों का संयुक्त प्रशिक्षण लिया।समुद्र में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और संभावित खतरों का मुकाबला करने जैसी प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।इसके अतिरिक्त युद्धपोतों ने समुद्री युद्ध के दौरान आपसी संचार, समन्वय और रणनीतिक संचालन से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास किया।समुद्री चरण का समापन दोनों देशों के युद्धपोतों के संयुक्त सेल-पास्ट के साथ हुआ।
आधुनिक तकनीक और समुद्री अभियानों पर चर्चा
अभ्यास के बंदरगाह चरण का आयोजन 21 से 23 अक्टूबर तक किया गया।इस दौरान दोनों देशों के नौसैनिक अधिकारियों ने पेशेवर अनुभव साझा किए और संयुक्त अभियान की योजनाओं पर चर्चा की।विशेषज्ञों के बीच मानवरहित प्रणालियों के संचालन, पनडुब्बी बचाव और समुद्री हवाई अभियानों से संबंधित जानकारी का आदान-प्रदान हुआ।इसके अलावा दोनों नौसेनाओं के अधिकारियों ने एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा किया और तकनीकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।खेलकूद और अन्य गतिविधियों के माध्यम से दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच आपसी संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
1994 में हुई थी SIMBEX की शुरुआत
भारत और सिंगापुर के बीच SIMBEX अभ्यास की शुरुआत वर्ष 1994 में 'एक्सरसाइज लायन किंग' के नाम से हुई थी।पिछले तीन दशकों में यह दोनों देशों के बीच सबसे महत्वपूर्ण और नियमित समुद्री सैन्य अभ्यासों में शामिल हो गया है।शुरुआती वर्षों की तुलना में अब इसका दायरा काफी बढ़ चुका है। वर्तमान में इसमें उन्नत युद्ध कौशल, समुद्री सुरक्षा अभियान और विभिन्न सैन्य प्लेटफॉर्म के बीच संयुक्त संचालन का अभ्यास किया जाता है।SIMBEX-2026 इसका 33वां संस्करण था।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण
सिंगापुर नौसेना के फ्लीट कमांडर कर्नल बर्ट्रम आंग ने अभ्यास के सफल आयोजन को दोनों देशों के मजबूत रक्षा संबंधों का प्रमाण बताया।उन्होंने कहा कि SIMBEX दोनों नौसेनाओं को अपनी परिचालन क्षमताओं को निखारने, आपसी समझ बढ़ाने और लंबे समय तक सहयोग बनाए रखने का महत्वपूर्ण अवसर देता है।भारत और सिंगापुर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री मार्गों, क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग करते रहे हैं।SIMBEX-2026 के सफल समापन से दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी और संयुक्त समुद्री अभियानों की तैयारियों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Next Story