भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास कोई परेशानी नहीं, ईरान के मंत्री ने बताया दोस्त

ईरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि ईरान ने भारत सहित अपने सभी 'मित्र देशों' के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) से गुजरने की अनुमति दे दी है। इस कदम को वैश्विक सप्लाई चेन और इन देशों के साथ ईरान के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने भी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले की जानकारी शेयर की। पोस्ट में विदेश मंत्री अराघची के हवाले से स्पष्ट किया गया, 'हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित अपने मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित मार्ग की अनुमति दे दी है।' होर्मुज एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिसके माध्यम से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। ईरान का यह कदम संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के उस बयान के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने वैश्विक संकट को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने का कड़ा आग्रह किया था। एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से इस मार्ग के बंद होने के गंभीर परिणामों पर चिंता जताई थी।
उन्होंने लिखा था: होर्मुज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने से तेल, गैस और उर्वरकों (फर्टिलाइजर) की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है, वह भी ऐसे समय में जब दुनिया भर में खेती और बुवाई का बेहद अहम मौसम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र और इसके बाहर, आम नागरिक इस स्थिति के कारण गंभीर नुकसान झेल रहे हैं और गहरी असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस युद्ध के परिणामों को कम करने के लिए लगातार काम कर रहा है। गुटेरेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इन गंभीर परिणामों को कम करने का सबसे बेहतरीन और स्पष्ट तरीका एक ही है: युद्ध को तत्काल समाप्त किया जाए।
सैकड़ों पानी के जहाज़ ईरान की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं"
— Rajan Yadav (@beingrajanrao) March 24, 2026
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से गुजरने के लिए"#IranWar #Iran pic.twitter.com/lp4NMO8Ly6





