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पोर्ट लुईस। मॉरीशस में भारत के राजदूत अनुराग श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम को 10 इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप सौंपी है। यह कदम दोनों देशों की विकास साझेदारी के तहत एक प्रमुख मील का पत्थर है, जो मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजकीय यात्रा के दौरान सहमत हुई उन्नत रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करता है। यह परियोजना मॉरीशस के राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों और सार्वजनिक परिवहन परिवर्तन का समर्थन करती है, जिससे भारत-मॉरीशस के बीच संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
पोर्ट लुईस स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा भारत मॉरीशस के साथ अपनी हरित साझेदारी को मज़बूत कर रहा है। भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव ने 6 अगस्त को मंत्रियों, कनिष्ठ मंत्रियों और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में मॉरीशस के पीएम डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम को 10 इलेक्ट्रिक बसों (ई-बसों) का पहला बैच आधिकारिक रूप से सौंपा।
उच्चायोग ने एक अन्य पोस्ट में लिखा प्रधानमंत्री रामगुलाम ने मार्च में प्रधानमंत्री मोदी की मॉरीशस की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा को याद किया और इस ई-बस परियोजना को "सार्वजनिक परिवहन में एक क्रांतिकारी बदलाव और समय की कसौटी पर खरे उतरे विशेष संबंधों का प्रतीक" बताया। उन्होंने उत्सर्जन कम करने, ईंधन आयात में कटौती और ई-मोबिलिटी में रोज़गार सृजन में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने उच्च-स्तरीय बुनियादी ढांचे और भविष्य के लिए तैयार क्षेत्रों जैसे: नीली अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी, खाद्य एवं समुद्री सुरक्षा में भारत की भूमिका की सराहना की।
मार्च में पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत और मॉरीशस के बीच 100-इलेक्ट्रिक बसों और उनसे संबंधित चार्जिंग के बुनियादी ढांचे को समय पर पूरा करने की दिशा में काम करने पर सहमति बनी थी। इसके अलावा भारत मॉरीशस मेट्रो एक्सप्रेस परियोजना, नया सुप्रीम कोर्ट भवन, नया ईएनटी अस्पताल, 956 सामाजिक आवास इकाइयां और शैक्षिक टैबलेट जैसी कई उच्च-स्तरीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभा रहा है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने इसके लिए भारत के प्रति आभार जताते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से मॉरीशस के विकास में भारत की अहम भूमिका रही है।
भारतीय उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि मॉरीशस के साथ जन-केंद्रित और सतत विकास साझेदारी के लिए भारत प्रतिबद्ध है। उन्होंने मॉरीशस के हरित परिवर्तन के लिए भारत के व्यापक समर्थन को भी रेखांकित किया, जिसमें 8 मेगावाट का सौर पीवी फार्म (हेनरीटा), 100 सौर स्ट्रीट लाइट और रॉड्रिक्स में एक सामुदायिक सौर फार्म शामिल हैं।
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