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पाकिस्तान के अपर दिर में डॉक्टरों की भारी कमी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल

Ratna Netam
21 Sept 2026 6:32 PM IST
पाकिस्तान के अपर दिर में डॉक्टरों की भारी कमी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अपर दिर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे में डॉक्टरों और चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण बड़ी आबादी को इलाज के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 10.8 लाख लोगों की आबादी वाले इस जिले में केवल 207 डॉक्टर उपलब्ध हैं।‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अपर दिर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों के इलाज पर पड़ रहा है। खासकर महिला डॉक्टरों की संख्या बेहद कम होने के कारण महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
5.3 लाख महिलाओं के लिए सिर्फ 13 महिला डॉक्टर
रिपोर्ट के अनुसार, अपर दिर जिले में लगभग 5 लाख 30 हजार महिलाओं के लिए केवल 13 महिला डॉक्टर हैं। इस आंकड़े के मुताबिक, एक महिला डॉक्टर पर करीब 40,770 महिलाओं की स्वास्थ्य और स्त्री रोग संबंधी जरूरतों की जिम्मेदारी है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, महिला मरीजों के लिए महिला डॉक्टरों की उपलब्धता कई मामलों में महत्वपूर्ण होती है, खासकर गर्भावस्था, प्रसव और अन्य महिला स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज में।
पुरुष डॉक्टरों पर भी ज्यादा दबाव
रिपोर्ट में बताया गया कि जिले में करीब 195 पुरुष डॉक्टर लगभग 5 लाख 50 हजार पुरुष आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं।औसतन एक पुरुष डॉक्टर पर करीब 3,000 लोगों की देखभाल की जिम्मेदारी आती है। हालांकि, यह संख्या भी स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दर्शाती है।
मां और बच्चों के स्वास्थ्य पर असर
अपर दिर में डॉक्टरों की कमी का सीधा प्रभाव मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रसव के दौरान महिलाओं और नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाली महिलाओं को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने के कारण जोखिम बढ़ सकता है।
गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों का सहारा
रिपोर्ट के मुताबिक, अपर दिर के कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता है। विशेष जांच और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोग टिमेरगारा, स्वात, मरदान, पेशावर, इस्लामाबाद और लाहौर जैसे शहरों का रुख करते हैं।इससे मरीजों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक दबाव पड़ता है।
एम्बुलेंस की आवाजाही बनी आम दृश्य
‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के अनुसार, अपर दिर से टिमेरगारा और पेशावर तक गंभीर रूप से बीमार और घायल मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस का दिर-पेशावर GT रोड पर दिखाई देना आम हो गया है।स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण कई मरीजों को लंबी दूरी तय करके बड़े अस्पतालों तक पहुंचना पड़ता है।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दूरदराज क्षेत्रों में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना आवश्यक है।विशेषज्ञ सेवाओं, महिला स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने से ग्रामीण आबादी को बेहतर इलाज मिल सकता है।
ग्रामीण इलाकों में बड़ी चुनौती
पाकिस्तान समेत कई देशों के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। भौगोलिक परिस्थितियां, सीमित संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी इन इलाकों में इलाज की उपलब्धता को प्रभावित करती है।अपर दिर जैसे पहाड़ी जिले में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जहां मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
अपर दिर की स्थिति ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, डॉक्टरों की उपलब्धता और चिकित्सा ढांचे को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी आबादी के लिए सीमित संख्या में डॉक्टरों की उपलब्धता स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव को दिखाती है।स्थानीय स्तर पर बेहतर अस्पताल सुविधाएं, अधिक मेडिकल स्टाफ और महिला स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को इस समस्या के समाधान के लिए जरूरी माना जा रहा है।
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