
x
काबुल। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तान द्वारा किए गए कथित हवाई हमलों की निंदा की है। उन्होंने इन सैन्य कार्रवाइयों को अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और हमलों में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।करज़ई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पश्तो भाषा में एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि वह कुनार और पक्तिका में हुए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि इन हमलों में कई अफगान नागरिकों की मौत हुई और लोग घायल हुए।
पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना
पूर्व अफगान राष्ट्रपति ने हमलों में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति दुख व्यक्त किया। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।करज़ई ने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने अफगानिस्तान की जमीन पर की गई सैन्य कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई।
पाकिस्तान की नीतियों पर उठाए सवाल
हामिद करज़ई ने पाकिस्तान की मौजूदा घरेलू सुरक्षा चुनौतियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की समस्याएं अफगानिस्तान के प्रति उसकी अपनी नीतियों का परिणाम हैं।उन्होंने उम्मीद जताई कि इस्लामाबाद अपने दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करेगा और पड़ोसी देशों के साथ बेहतर, शांतिपूर्ण और रचनात्मक संबंध स्थापित करने की दिशा में काम करेगा।
अफगान अधिकारियों ने दी थी हमलों की जानकारी
करज़ई की यह प्रतिक्रिया अफगान अधिकारियों के उन बयानों के बाद आई है, जिनमें पाकिस्तान की सेना द्वारा कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए जाने का दावा किया गया था।अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। हालांकि, इन घटनाओं और हमलों से जुड़े सभी विवरणों पर दोनों देशों के पक्षों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किया बयान
करज़ई ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान के हवाई हमलों के कारण कई अफगान नागरिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता के खिलाफ बताया।उन्होंने अपने पोस्ट में क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में तनाव
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंधों में पिछले कुछ समय से कई मुद्दों को लेकर तनाव देखा गया है। सीमा सुरक्षा, आतंकवाद और एक-दूसरे के क्षेत्र में कथित गतिविधियों को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद रहे हैं।सीमा पार सुरक्षा से जुड़े मामलों पर दोनों देश अक्सर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर असर
अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों ही दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण देश हैं। दोनों देशों के बीच तनाव का असर क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी पड़ सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा से जुड़े विवादों और सुरक्षा चिंताओं का समाधान बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से किए जाने पर जोर दिया जाता रहा है।
पाकिस्तान की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार
हामिद करज़ई के बयान और अफगान अधिकारियों के आरोपों के बाद अब पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।ऐसे मामलों में दोनों देशों की ओर से अलग-अलग जानकारी सामने आती रही है, इसलिए घटना की पूरी स्थिति आधिकारिक पुष्टि और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
करज़ई का रुख
हामिद करज़ई अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हैं और वह पहले भी क्षेत्रीय संबंधों, शांति और अफगान संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं।इस बार भी उन्होंने पाकिस्तान के हवाई हमलों को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए पड़ोसी देशों के बीच बेहतर संबंधों की आवश्यकता पर जोर दिया है।फिलहाल कुनार और पक्तिका में हुए कथित हवाई हमलों को लेकर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी जारी है। करज़ई के बयान ने इस मुद्दे को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर चर्चा को और बढ़ा दिया है।
Next Story





