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विदेश मंत्री जयशंकर का अजरबैजान दौरा, कई अहम मुद्दों पर होगी बातचीत

Ratna Netam
22 Oct 2026 7:44 PM IST
विदेश मंत्री जयशंकर का अजरबैजान दौरा, कई अहम मुद्दों पर होगी बातचीत
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नई दिल्ली। भारत और अजरबैजान के बीच राजनयिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को अजरबैजान की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। विदेश मंत्रालय की गुरुवार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जयशंकर अपने अजरबैजानी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों की समीक्षा इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य रहेगा। इसके अलावा आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है।जयशंकर की प्रस्तावित यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भारत और अजरबैजान के बीच उच्चस्तरीय राजनयिक संपर्क बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में अजरबैजान में भारत के नए राजदूत अभय कुमार ने राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।
अजरबैजान के विदेश मंत्री के साथ होगी बैठक
विदेश मंत्रालय की दी गई जानकारी के अनुसार, एस. जयशंकर अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान अजरबैजान के विदेश मंत्री के साथ बातचीत करेंगे।बैठक में दोनों देशों के मौजूदा संबंधों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा सहयोग के नए अवसरों की पहचान और विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है।भारत और अजरबैजान के बीच राजनयिक संबंधों में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में यह यात्रा दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगी।हालांकि, यात्रा के दौरान किसी विशेष समझौते पर हस्ताक्षर होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
भारतीय राजदूत अभय कुमार ने राष्ट्रपति से की मुलाकात
विदेश मंत्री की यात्रा से पहले 16 अक्टूबर को अजरबैजान में भारत के राजदूत अभय कुमार ने राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए थे।बाकू में आयोजित इस औपचारिक कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-अजरबैजान संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।भारतीय दूतावास के अनुसार, अभय कुमार ने राष्ट्रपति अलीयेव के सामने दोनों देशों के बीच सहयोग का विस्तार करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि वह भारत और अजरबैजान के बीच मित्रता, आपसी समझ और राजनयिक संपर्क को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर
राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और भारतीय राजदूत अभय कुमार की बैठक में दोनों देशों के लंबे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया गया।भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत और अजरबैजान के बीच सांस्कृतिक संपर्क कई शताब्दियों से विकसित होते रहे हैं।दोनों पक्षों ने माना कि ये ऐतिहासिक संबंध वर्तमान द्विपक्षीय साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।बैठक में आपसी हितों के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।राजदूत ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच मित्रता और सांस्कृतिक समझ को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति अलीयेव की मुलाकात का भी हुआ जिक्र
भारतीय राजदूत की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच सितंबर 2026 में हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया गया।दोनों नेताओं ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान बातचीत की थी।इस मुलाकात को भारत और अजरबैजान के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।दोनों पक्षों ने नियमित राजनयिक संवाद के जरिए आपसी समझ बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को आगे ले जाने पर जोर दिया था।
आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं
भारत और अजरबैजान के बीच व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैंअजरबैजान दक्षिण काकेशस क्षेत्र का महत्वपूर्ण देश है और उसकी राजधानी बाकू ऊर्जा तथा व्यापारिक गतिविधियों के लिए जानी जाती है।भारत के लिए मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र के देशों के साथ संपर्क बढ़ाना व्यापक विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित उच्चस्तरीय यात्राओं से व्यापारिक संबंधों और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
भारत-अजरबैजान संबंधों में बढ़ेगा संवाद
हाल के दिनों में अजरबैजान स्थित भारतीय दूतावास ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी दोनों देशों के लोगों को करीब लाने का प्रयास किया है।16 अक्टूबर को बाकू में राज कपूर की प्रसिद्ध फिल्म'आवारा' का प्रदर्शन किया गया था। इसके अलावा भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।अब विदेश मंत्री एस. जयशंकर की 23 अक्टूबर को प्रस्तावित यात्रा से दोनों देशों के बीच राजनीतिक और राजनयिक संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।इस यात्रा के दौरान होने वाली बातचीत के परिणामों से स्पष्ट होगा कि आने वाले समय में भारत और अजरबैजान किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को प्राथमिकता देते हैं।
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