
अमेरिका। राजधानी वॉशिंगटन में बुधवार को व्हाइट हाउस के पास हुई फायरिंग में घायल हुए वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो जवान घायल हो गए थे. थैंक्सगिविंग से ठीक पहले हुए इस हमले ने दोनों परिवारों को झकझोर कर रख दिया. गंभीर रूप से घायल हुईं 20 साल के सारा बेकस्ट्रॉम की अस्पताल में मौत हो गई है. वहीं 24 साल के एंड्र्यू वोल्फ की हालत नाजुक है. दोनों अगस्त की शुरुआत में वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड की टीम के साथ वॉशिंगटन पहुंचे थे, जहां वे संघीय सुरक्षा मिशन का हिस्सा थे.
वोल्फ 2019 में एयर नेशनल गार्ड में शामिल हुए थे और उन्हें कई सेवा पदक मिले थे. वहीं बेकस्ट्रॉम जून 2023 में मिलिट्री पुलिस कंपनी में भर्ती हुई थीं. अमेरिकी अटॉर्नी जेनिन पिररो ने कहा, “आज जब ज़्यादातर परिवार थैंक्सगिविंग पर साथ बैठकर शुक्रिया अदा कर रहे हैं, दो परिवार एक शख्स की हरकत से टूट चुके हैं.” गार्ड के मुताबिक दोनों जवानों को हमले से कुछ ही घंटे पहले औपचारिक रूप से शपथ दिलाई गई थी ताकि वे अपनी तैनाती के तहत पेट्रोलिंग कर सकें.
वॉशिंगटन में हुए हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहली बार मीडिया के सामने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भावुक बयान में बताया कि घायल नेशनल गार्ड जवानों में से एक, वेस्ट वर्जीनिया की सारा बेकस्ट्रॉम, की मौत हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'वेस्ट वर्जीनिया की सारा बेकस्ट्रॉम, जिनके बारे में हम बात कर रहे थे… बेहद सम्मानित, युवा और शानदार इंसान थीं. वह अब हमारे बीच नहीं रहीं. वह चल बसी हैं.'
अधिकारियों ने संदिग्ध की पहचान 29 साल रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में की है. एक अफगान नागरिक, जो वॉशिंगटन स्टेट में रहता था और जिसने अफगानिस्तान में अमेरिकी एजेंसियों के साथ काम किया था.CIA डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ के अनुसार, “बाइडन प्रशासन ने 2021 में अफगानिस्तान से निकासी के दौरान लाकनवाल को उसकी पिछली सेवाओं के आधार पर अमेरिका आने की अनुमति दी थी.” जांचकर्ताओं का कहना है कि लाकनवाल वॉशिंगटन स्टेट से गाड़ी चलाकर राजधानी पहुंचा और फिर नेशनल गार्ड सदस्यों पर हमला किया.





