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सबसे कम उम्र की इस साइंटिस्ट की वजह से चीन ने रखा चांद पर कदम, सोशल मीडिया पर 'बिग सिस्टर' के नाम हो रहीं ट्रेंड

Gulabi
10 Dec 2020 10:34 AM GMT
सबसे कम उम्र की इस साइंटिस्ट की वजह से चीन ने रखा चांद पर कदम, सोशल मीडिया पर बिग सिस्टर के नाम हो रहीं ट्रेंड
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चीन के चांग ई-5 मून एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम में अपने योगदान के लिए ये साइंटिस्ट चीन की सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। चीन के चांग ई-5 मून (Chang'e-5) एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम में अपने योगदान के लिए एक 24 साल की साइंटिस्ट चीन की सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. झोउ चेंगयु (Zhou Chengyu) नाम की स्पेस कमांडर वेनचांग स्पेसक्राफ्ट लॉन्च साइट की सबसे कम उम्र की सदस्य हैं. इसके बावजूद लोग उनके सम्मान में उन्हें 'बिग सिस्टर' (Big Sister) कह रहे हैं.


चांग ई-5 मिशन चीन का बीते सात सालों में तीसरा सफल मून मिशन है. झोउ रॉकेट कनेक्टर सिस्टम में निर्णायक भूमिका में थीं. 23 नवंबर को लॉन्च चांग ई-5 मून मिशन में शामिल महिलाओं में से एक झोउ 'Weibo' लगातार ट्रेंड कर रही हैं.
सोशल मीडिया पर उनकी कम उम्र चर्चा का विषय बनी हुई है. लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और उन्हें चीन के लिए गर्व का विषय बता रहे हैं. कई लोगों ने सोशल मीडिया पर खुद का मजाक उड़ाते हुए कहा कि वो झोउ की तुलना में कितना पीछे हैं.

सोशल मीडिया पर इतनी लोकप्रियता के बावजूद झोउ अपने काम में व्यस्त हैं. न्यूज एजेंसी डुओकाई गुइझो नेट के मुताबिक कई बार कहने के बाद भी झोउ ने उन्हें इंटरव्यू देने से इनकार कर दिया. उनका कहना है कि वो लोकप्रियता को उनके काम में बाधा नहीं बनाना चाहती.

चांग ई-5 का नाम चीन की एक देवी के नाम पर रखा गया है, जिन्हें चीन में चंद्रमा की प्रतीक माना जाता है. इसे चंद्रमा पर रिसर्च के लिए मिट्टी और पत्थरों के सैंपल इकट्ठा करने के लिए भेजा गया था. अगर चीन का यह मून मिशन सफल होता है तो 40 से ज्यादा साल में ये पहली बार होगा जब चांद की सतह से सैंपल्स को पृथ्वी पर लाया जाएगा और अमेरिका, सोवियत संघ के बाद ऐसा करने वाला चीन तीसरा देश बन जाएगा.


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