
अमेरिका। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह चाहते हैं कि चीन, रूस के मामले में अमेरिका की मदद करे. एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'मैं चाहूंगा कि रूस के मामले में चीन हमारी मदद करे. मैं चाहता हूं कि चीन इसमें हमारी भूमिका समझे और सहयोग करे.' ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर तनाव चरम पर है और वॉशिंगटन ने हाल ही में मॉस्को पर नए प्रतिबंध लगाए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही अपने पांच दिवसीय एशिया दौरे पर रवाना होंगे, जिसमें मलेशिया, जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा शामिल है. यह उनके कार्यकाल का अब तक का सबसे लंबा विदेशी दौरा होगा. वह कुआलालंपुर में रविवार (26 अक्टूबर) से शुरू हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने एशिया दौरे के दौरान 29 अक्टूबर से दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में शुरू हो रहे एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे.
इस शिखर सम्मेलन के इतर उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी. ट्रंप और जिनपिंग व्यापार वार्ता और अमेरिका-चीन तनाव पर चर्चा करेंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक में ताइवान मुद्दे और हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक नेता जिमी लाई की रिहाई पर भी चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा, 'हमारे पास बात करने के लिए बहुत कुछ है. राष्ट्रपति शी के पास भी हमारे साथ बात करने के लिए बहुत कुछ है. मुझे लगता है कि हमारी मुलाकात अच्छी रहेगी. मैं ताइवान के मुद्दे पर बात करूंगा. वहां नहीं जाऊंगा, लेकिन इस पर चर्चा जरूर करूंगा. ताइवान के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है.'
जिमी लाई, 'एप्पल डेली' नामक अब बंद हो चुके प्रो-डेमोक्रेसी अखबार के संस्थापक हैं, जिन्हें बीजिंग द्वारा लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानूनों के तहत हांगकांग में जेल की सजा सुनाई गई है. ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले को भी शी जिनपिंग के साथ उठाएंगे.





