
Dharamshala (Himachal Pradesh) [India] धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) [भारत], 18 जुलाई फायुल' (Phayul) की रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने उन आरोपों की जांच शुरू कर दी है जिनमें कहा गया है कि लंदन में चीनी दूतावास के सुरक्षाकर्मियों ने शांतिपूर्ण तिब्बती प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने के लिए हाई-वोल्टेज स्टन बैटन का इस्तेमाल किया। यूके के कानून के तहत इन हथियारों को प्रतिबंधित माना जाता है।
'फायुल' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 3 जुलाई की शाम को मध्य लंदन में पोर्टलैंड प्लेस पर स्थित चीनी दूतावास के बाहर हुई। यहाँ तिब्बती समुदाय के लोग और मानवाधिकार समर्थक 'लोबगा रंगज़ेन' को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए थे। लोबगा रंगज़ेन तिब्बत की आज़ादी के लिए काम करने वाले एक कार्यकर्ता थे, जिनकी 2 जुलाई को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर आत्मदाह करने के बाद मौत हो गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, लंदन स्थित एडवोकेसी ग्रुप 'फ्री तिब्बत' द्वारा जारी किए गए और व्यापक रूप से प्रसारित वीडियो में चीनी दूतावास के सुरक्षाकर्मी कथित तौर पर चालू, चिंगारी छोड़ते स्टन बैटन लहराते और उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की ओर करते हुए दिखाई दे रहे हैं। अभियान चलाने वालों ने इसे भीड़ को डराने-धमकाने की कोशिश बताया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस फुटेज पर प्रतिक्रिया दी। 'फायुल' ने बताया कि इस घटना ने बीजिंग द्वारा कथित तौर पर सीमा पार दमन (transnational repression) को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। तिब्बती संगठनों और अधिकार समूहों ने इस टकराव को चीन की सीमाओं से बाहर तक फैले डराने-धमकाने के रवैये का एक उदाहरण बताया है।





