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नेपाल में आफत की बाढ़, सैकड़ों मौतें और हजारों बेघर, MEA ने जारी किया नया अपडेट

Gulabi Jagat
29 Aug 2026 6:56 PM IST
नेपाल में आफत की बाढ़, सैकड़ों मौतें और हजारों बेघर, MEA ने जारी किया नया अपडेट
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विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार, 29 अगस्त को नेपाल बाढ़ को लेकर ताजा जानकारी साझा की

नेपाल: नेपाल इस समय अपने सबसे भीषण प्राकृतिक संकटों में से एक का सामना कर रहा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे देश में भारी तबाही मचा दी है। इस जलप्रलय में अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में सुरक्षा एजेंसियां दिन-रात जुटी हुई हैं। नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा का असर सिर्फ वहां के नागरिकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत समेत कई देशों के लोग भी इसकी चपेट में आए हैं। नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उनकी वापसी के लिए भारत सरकार लगातार नेपाल प्रशासन के संपर्क में है।

88 भारतीय नागरिकों को बचाया गया

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार, 29 अगस्त को नेपाल बाढ़ को लेकर ताजा जानकारी साझा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में फंसे 88 भारतीय नागरिकों को अब तक सुरक्षित बचाया जा चुका है। न्होंने जानकारी दी कि 29 अगस्त को रसुवा जिले में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से चार भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू किया गया। इन सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है और जल्द ही इनके काठमांडू पहुंचने की संभावना है।भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों की पहचान, सुरक्षा और सुरक्षित वापसी के लिए लगातार अभियान चला रही है। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाया जा रहा है।

287 भारतीयों से अब तक संपर्क नहीं

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल बाढ़ त्रासदी में अभी भी 287 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इन लोगों की स्थिति का पता लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।इसके अलावा 128 भारतीय मूल के लोगों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि कई प्रभावित क्षेत्रों में संचार व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है, जिसके कारण लोगों से संपर्क स्थापित करने में परेशानी आ रही है।नेपाल के कई पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में सड़कें टूट गई हैं और मोबाइल नेटवर्क भी बाधित हुआ है। ऐसे में राहत टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

जलप्रलय में 616 लोगों की मौत

नेपाल प्रशासन के मुताबिक, इस भीषण आपदा में अब तक 616 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं, करीब 2301 घायलों को बचाया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है।सबसे ज्यादा मौतें चितवन जिले में दर्ज की गई हैं, जहां 233 लोगों की जान गई है। इसके बाद नवलपरासी (पूर्व) में 158, गोरखा में 48, नवलपरासी (पश्चिम) में 47, धादिंग में 45, नुवाकोट में 41, तनहुन में 31 और रसुवा में 13 लोगों की मौत हुई है।

प्रशासन के अनुसार, कई इलाकों में अभी भी मलबे और बाढ़ के पानी में लोगों के फंसे होने की आशंका है। सेना, पुलिस और राहत दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं।

नेपाल में बड़े स्तर पर राहत अभियान जारी

नेपाल सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू किया है। हजारों सुरक्षाकर्मियों को बचाव कार्य में लगाया गया है। प्रभावित इलाकों में खाने-पीने की सामग्री, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।भारत ने भी नेपाल को हर संभव सहायता देने की पेशकश की है। भारत सरकार ने जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ समेत अन्य विशेषज्ञ टीमों को भेजने की बात कही है।दोनों देशों के बीच राहत और बचाव कार्यों को लेकर लगातार संपर्क बना हुआ है। भारत पहले भी नेपाल में आई प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहायता करता रहा है।

चीन ने दी नई बाढ़ की चेतावनी

इस बीच चीन ने नेपाल को एक और संभावित खतरे को लेकर अलर्ट किया है। चीन ने चेतावनी दी है कि तिब्बत क्षेत्र में लेंडे नदी तंत्र के ऊपरी हिस्से में बनी एक झील कभी भी टूट सकती है।अगर यह झील टूटती है तो नदी में अचानक पानी का बहाव काफी बढ़ सकता है। चीन के अनुसार, पानी का बहाव 500 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंचने की आशंका है, जिससे नेपाल के कई इलाकों में दोबारा भारी तबाही हो सकती है।इस चेतावनी के बाद नेपाल प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा के बीच बढ़ी चिंता

नेपाल में आई इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हजारों परिवार अपने लोगों की तलाश में परेशान हैं। कई लोग अपने घर, रोजगार और संपत्ति गंवा चुके हैं।भारत सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेपाल के लिए मदद के हाथ बढ़ाए जा रहे हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों को ढूंढना, घायलों का इलाज करना और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है।नेपाल में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। बचाव एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।


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