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शादी UN रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
इंटरनेशनल : गाजा में लंबे संघर्ष, विस्थापन और भोजन की कमी के बीच महिलाओं और लड़कियों की स्थिति को लेकर संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्टों ने गंभीर तस्वीर सामने रखी है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की सितंबर 2026 की रिपोर्ट में महिलाओं ने अत्यधिक भीड़, निजता की कमी, भोजन और साफ पानी जैसी बुनियादी जरूरतों की अनुपलब्धता तथा लैंगिक हिंसा के बढ़ते जोखिम का जिक्र किया है। यह रिपोर्ट गाजा सिटी और खान यूनिस के विस्थापन शिविरों में रहने वाली 230 महिलाओं के अनुभवों पर आधारित है।
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े बताते हैं कि गंभीर आर्थिक संकट और खाद्य असुरक्षा ने बाल विवाह का जोखिम भी बढ़ाया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से जुड़ी एक रिपोर्ट में कहा गया कि भूख, भय, बार-बार विस्थापन, अभिभावकों को खोने और शिक्षा व्यवस्था के टूटने के बीच कुछ परिवार कम उम्र में बेटियों की शादी को जीवित रहने की रणनीति के रूप में अपना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार गाजा में बाल विवाह की दर में तेज वृद्धि की चिंता सामने आई है।
इसी संदर्भ में भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों के बदले लड़कियों की शादी कराए जाने से जुड़े बेहद गंभीर विवरण भी चर्चा में हैं। हालांकि 'आटे की दो बोरियों के लिए बेटियों का सौदा' जैसे किसी एक विशिष्ट मामले की पुष्टि उपलब्ध संयुक्त राष्ट्र रिपोर्टों में स्वतंत्र रूप से सत्यापित घटना के रूप में नहीं की गई है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों में व्यापक रूप से गरीबी, खाद्य असुरक्षा और पारिवारिक बोझ कम करने के लिए कम उम्र की लड़कियों की शादी होने की बात दर्ज है।
UN Women के डेटा हब में भी कहा गया है कि गाजा में मानवीय सहायता से जुड़े संगठनों ने 12 वर्ष तक की लड़कियों के विवाह की रिपोर्ट दी है। इसके पीछे गरीबी, भोजन की कमी, भीड़भाड़, सामाजिक दबाव और परिवार का आर्थिक बोझ कम करने जैसे कारण बताए गए हैं। इसमें यह गंभीर बात भी दर्ज है कि कुछ मामलों में लड़कियों को उनके साथ हिंसा करने वाले व्यक्ति से विवाह करने के लिए मजबूर किया गया।
महिलाओं पर आर्थिक जिम्मेदारी भी तेजी से बढ़ी है। UN Women के सितंबर 2026 के आकलन के अनुसार गाजा में लगभग हर चार में से एक परिवार की मुखिया अब महिला है। ऐसे करीब 86,290 परिवार होने का अनुमान है, जो अक्टूबर 2023 से पहले की तुलना में लगभग दोगुना है। महिला मुखिया वाले परिवारों में आवास, भोजन, नकदी और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां अधिक दर्ज की गई हैं।
UNFPA के एक अन्य सुरक्षा आकलन के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में रिपोर्ट किए गए लैंगिक हिंसा के मामलों में पिछली तिमाही की तुलना में 32 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई। रिपोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसके आंकड़ों का इस्तेमाल पूरे गाजा में लैंगिक हिंसा की वास्तविक व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका उद्देश्य जोखिम और सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को पहचानना है।
इन रिपोर्टों से यह जरूर स्पष्ट होता है कि युद्ध और मानवीय संकट का बोझ महिलाओं और लड़कियों पर असमान रूप से पड़ रहा है। भोजन की कमी, विस्थापन और सुरक्षा व्यवस्था के कमजोर होने से उनके सामने बाल विवाह और लैंगिक हिंसा सहित कई गंभीर जोखिम बढ़े हैं।
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